जून १६, २०१९
चरहीमें धर्म छिपाकर चरही थाना क्षेत्रके पिपरा अंसार चौक निवासी रमजान अंसारीने उत्तर प्रदेशके आजमगढकी एक युवतीसे मंदिरमें विवाह किया । उसके पश्चात रांचीके इरबा लाकर उसने बलपूर्वक निकाह किया । युवतीकाे शबनम नाम दिया । पांच वर्ष पश्चात उसने युवतीकाे तलाक दे दिया है । पीडिताने चरही थानामें आराेपी युवकके विरुद्ध परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट कराई है ।
पुलिसने आराेपीकाे बन्दी बना लिया है । पूछताछमें युवकने युवतीके आराेपाेंकाे स्वीकार किया है । रमजान ट्रक चालक है । युवतीकी पांच वर्षकी एक पुत्री और आठ माहका पुत्र है । युवतीने पुलिसकाे बताया कि वह इरबाके रिजवान लाॅजमें रहकर पासकी एक फैक्ट्रीमें कार्य करती है । उसे एकाकी पाकर लाॅजके कुछ लाेग भी परेशान करते हैं ।
रमजानने व्यापार करनेके लिए उससे ६० सहस्र रुपए लिए थे । उसने महिला समितिसे ६० सहस्र रुपए उठाकर दिए थे । प्रत्येक माह रुपयाेंका ब्याज देना होता है । वह रमजानसे रुपए मांगने पिपरा आई थी । यहां रमजानने उसकी पिटाई करा दी । उसके पास रांची जानेका भाडा भी नहीं था । चरही पुलिसके सहयाेगसे वह जिस बससे जा रही थी, कारसे ओवरटेक उसे राेका गया और मारा पीटा गया ।
युवती पुनः चरही थाना पहुंची और न्यायकी मांग की है । चरहीके थाना प्रभारी दिनेश्वर प्रसादके अनुसार, पुलिसने आराेपी रमजानकाे बन्दी बना लिया है ।
पीडिताने चरही पुलिसकाे बताय है कि मैं आजमगढकी रहने वाली हूं । पांच वर्ष पूर्व रमजानने मुझे प्रेमके जालमें फंसाया, यह कहकर कि उसका नाम अखिलेश यादव है । वह झारखंडके हजारीबागका रहने वाला है । वह अविवाहित है । मैं उसकी बाताेंमें आ गई और अपने घरवालाेंके विरुद्ध जाकर एक मंदिरमें उससे विवाह कर लिया । उसके साथ मैं झारखंड चली आई । यहां उसने रांचीके इरबामें एक लाॅजमें रखा । कुछ दिनाेंके पश्चात मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे साथ विश्वासघात हुआ है । उसका असली नाम रमजान अंसारी है ।
“यदि इसीप्रकार ही हिन्दू युवतियां इस तथाकथित भ्रामक प्रेममें लवजिहादका लक्ष्य बनती रहीं तो हिन्दुओंको अपना अस्तित्व बचाना कठिन हो जाएगा । युवतियो ! किसीसे मित्रता करनेसे पूर्व सावधान रहें । सावधानी की तो सम्भवतः जीवन नष्ट होनेसे बच जाएगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भास्कर
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