जून १९, २०१९
एक १२ वर्षीय बच्चीके साथ जिहादियोंने क्रूरतम दुष्कर्म
किया, जिससे वह रांची स्थित ‘राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस’में लगभग ८ दिनोंतक अचेत रही ! मुम्बईमें दशकाधिक जिहादियोंने एक वर्षतक बच्चीसे दुष्कर्म किया । पीडित बच्चीके वक्तव्यपर शमा परवीन, तबरेज आलम और अब्दुल रहमानके विरुद्घ प्राथमिकी प्रविष्ट हुई है । बरियातू पुलिसने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि पीडिता कोडरमाकी रहने वाली है । डेढ वर्ष पूर्व उसकी मौसी शमा परवीन उसे लेकर मुम्बई गई । उसकी मौसी उसे पढाने व अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलानेके बहाने मुंबई ले गई; परन्तु मुंबई ले जानेके पश्चात बच्चीसे नौकरानीकी भांति काम कराया जाने लगा और यदि वो विरोध करती तो उसके साथ मारपीट की जाती । प्रत्येक रात्रि बच्चीको नशेकी औषधि बलपूर्वक खिलाई जाती थी और उसके साथ दुष्कर्म किया जाता था । जब बच्ची प्रातःकाल उठती तो उसके शरीरपर एक भी वस्त्र नहीं होता था । फरवरीमें जब एक रात बच्चीको चेतना आई तो उसने देखा कि अब्दुल रहमान उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है ।
जब बच्चीने इस बातकी जानकारी अपने मौसीको दी तो मौसीने उसे मारा-पीटा । बच्चीके शरीरको कई स्थानोंसे जला दिया गया, उसे प्रताडित किया गया । पुलिस व चिकित्सकोंको भी उसके शरीरपर कई स्थानपर जलेके निशान मिले हैं । अप्रैलमें जब बच्चीका स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड गया, तब उसकी मौसी उसे लेकर कोडरमा पहुंची । जब बच्चीकी मांने स्वास्थ्य खराब होनेका कारण पूछा तो मौसीने बहाने बना दिए और कहा कि चिकित्साके लिए वह रुपए देगी । इसके पश्चात मौसी बिना रुपए दिए मुम्बई लौट गई और बच्चीको कोडरमा छोड दिया ।
झारखण्डके रांची स्थित रिम्समें आठ दिनतक अचेत रहनेके पश्चात १२ वर्षीय बच्चीने मंगलवारको बरियातू पुलिसको बताया कि मुंबईमें एक वर्षतक दशकाधिक लोगोंने उसके साथ दुष्कर्म किया !
बच्ची अभी भयभीत है । वह किसीको भी देख कर चिल्लाने लग रही है । महिला पुलिसकर्मियोंद्वारा प्रयास करनेके पश्चात बच्चीने अपना वक्तव्य दिया ।
“कैसे जिहादी इतने गिर जाते हैं कि कोई मनुष्य ऐसासोच भी नहीं सकता है । कौनसी शिक्षा है यह कि बेटियोंको देखते ही बस वासना तृप्तिका माध्यम मानता है । कब हमारा शासन जागेगा और दुष्कर्मपर कडा विधान बनाएगा । अब तो यह प्रतीत होता है कि हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनापर ही बालिकाओंकी स्थिति सुधरेगी ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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