जून २७, २०१९
अब उत्तर प्रदेशका मेरठ कैराना बन रहा है । यहांसे हिन्दू पलायन करनेको विवश हैं । स्थिति भयावह है; क्योंकि लोग अपने घरोंको छोडकर जा रहे हैं और अपनी सम्पत्तिको औने-पौने मूल्यपर विक्रय करनेको विवश हैं । दैनिकजागरणने गुरुवार, २७ जूनको एक विस्तृत ब्यौरा प्रकाशित किया है ।
लिसाडी गेट थाना क्षेत्रके भीतर आनेवाले प्रह्लाद नगरमें कुल १२५ परिवारोंद्वारा पलायनके समाचार सामने आए हैं । यह मुसलमान बहुल क्षेत्र है, जहां ४२५ बहुसंख्यक परिवार रहते थे । इसकी परिवाद प्रधानमन्त्री कार्यालयतक पहुंच चुकी है । लोगोंका कहना है कि एक विशेष समुदायके लोगोंद्वारा ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न की गई कि वे पलायनको विवश हुए ।
स्थिति यह है कि स्थानीय पार्षद भी विवश दिख रहे हैं । भाजपा पार्षद जीतेन्द्र पाहवाने अधिकारियोंको स्थितिसे बार-बार अवगत कराया; परन्तु अभीतक कोई ठोस पग नहीं उठाया गया है । बूथ अध्यक्ष महेश मेहताने ‘नमो ऐप’पर परिवाद की है । पीएमओने उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री कार्यालयको उचित पग उठानेको कहा है ।
इसके पश्चात जागे मुख्यमन्त्री कार्यालयने मेरठके डीएम व वरिष्ठ एसपीको विस्तृत ब्यौरा देनेको कहा है । पार्षद पाहवाने आरोप लगाया कि पुलिस केवल दिखावा कर रही है । मेरठके सांसद राजेंद्र अग्रवालने कहा कि संसद सत्रके पश्चात मेरठ पहुंचते ही वे इस प्रकरणको देखेंगे । सांसदने स्वीकार किया कि कुछ शरारती तत्त्वोंद्वारा सामाजिक ताना-बाना बिगाडनेका प्रयास किया जा रहा है ।
सांसद अग्रवालने कहा कि वे इस सम्बन्धमें अधिकारियोंसे बात करेंगे । मेरठके जिलाधिकारीने कहा कि उन्हें मुख्यमन्त्री कार्यालयद्वारा ब्यौरा मांगे जानेकी जानकारी नहीं है । उन्होंने बताया कि यदि ऐसा है तो स्थानीय थाना व प्रशासनसे वार्ताकर सीएमओको उचित जानकारीसे अवगत कराया जाएगा ।
स्थानीय लोगोंने कहा कि बहू-बेटियोंका बाहर बैठना तक दूभर हो गया है; क्योंकि उनपर अश्लील टिप्पणी की जाती हैं । यह गत ५-६ वर्षोंसे चला आ रहा है ।
स्थानीय जनताको मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथसे आशा है कि वो सब ठीक कर देगी । लोगोंका कहना है कि किसी भी सांप्रदायिक तनाववाली घटनाके पश्चात पुलिस तो आती है; परन्तु फिर २-३ दिवस पश्चात स्थिति वही हो जाती हैं ।
लोगोंने कहा कि पुलिस केवल अस्थायी पिकेट लगाती है, जिसे एक दिन पश्चात हटा लिया जाता है । लगभग प्रत्येक दिवस लोग मकान विक्रय करनेको विवश हैं और आए दिन लोगोंके पलायनके समाचार आ रहे हैं । एक स्थानीय व्यक्तिने कहा कि छात्राएं विद्यालयतक नहीं जा पा रही हैं और स्थिति भविष्यमें विकराल रूप ले सकती है ।
“सांसदजीको और पार्षदको जानकारी नहीं हैं; सम्भवतः देशसेवामें अतिव्यस्त है !! हिन्दुओ ! शासन तो तुष्टिकरणमें व्यस्त है, जहां भागोगे, वहां भी यही स्थिति उत्पन्न होगी । स्वयं उठना होगा और प्रखर विरोध करना होगा । योगी शासनको लोगोंने हिन्दुओंकी रक्षाके लिए लाया था; परन्तु प्रायः हो रही ऐसी अनदेखीसे निराशा ही हाथ लग रही है ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
Leave a Reply