जून २७, २०१९
झारखण्डमें मुसलमानोंके एक गुटने अंतिम संस्कार करनेके पश्चखत लौट रहे हिन्दुओंपर पथराव कर दिया । इसमें कई लोगोंको चोटें आई हैं । इस घटनाके पश्चात गांवमें साम्प्रदायिक तनाव व्याप्त है ।
सोमवार, २४ जूनको प्रतः भीम नारायण महतोकी मां नेमिया महताइनका (८०) निधन हो गया था । परिजन जब अंत्येष्टि करके लौटते समय अपनी परम्पराके अनुरूप शोकका बाजा बजाया गया । घरके निकटमें ही वे लोग मस्जिदके समीप पहुंचे तो कुछ लोगोंने विरोध करते हुए बाजा बंद करनेको कहा । इसके पश्चात द्वारपर लोगोंके पैर धुलवा ही रहे थे कि दूसरे समुदायके लोग वहां आ गए और ईंट-पत्थर और लाठी- डंडेसे आक्रमण कर दिया ।
एकाएक हुए इस आक्रमणमें दशकाधिक लोग चोटिल हो गए । गांवके महेश्वर साव, नंदलाल साव, शनिचर साव, संजय साव, पूजा देवी, मुनिया देवी, सुशीला देवी, जूही कुमारी चोटिल हो गई । गंभीर चोट आनेके कारण महेश्वर सावको पीएमसीएच भेज दिया गया है ।
वहीं भीमलाल महतोने इस घटनाके पीछे मोइन अंसारी, अनवर अंसारी, इफ्तिखार असर, तस्लीम अंसारी, मुस्लिम अंसारी, यूसुफ अंसारी सहित १८ लोगोंके विरुद्घ परिवादकर कार्यवाहीकी मांग की है । भीम नारायण महतोका कहना है कि उनके बाजा बजानेपर ही रोक लगानेका प्रयास किया गया और आक्रमण किया गया, वहीं दूसरे समुदायका दावा है कि जिस समय बाजा बज रहा था, उस समय मस्जिदमें नमाज की जा रही थी ।
“मस्जिदमें नमाजकी भी जा रही थी तो अन्योंको मारनेका अनुमतिपत्र मिल गया ! ऐसे विषधर व पैशाचिक मानसिकतावाले लोग सभ्य समाजका अंग नहीं हो सकते हैं । यह हिन्दुओंके भाईचारेका ही परिणाम है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नेशन पोस्ट
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