आगामी कालमें सर्वत्र प्राकृतिक आपदाओंका प्रकोप होगा, यह बात अनके सन्त पिछले अनेक वर्षोंसे समाजको बता रहे हैं; किन्तु मैकाले शिक्षित हिन्दुओंको सन्तोंको इन बातोंपर विश्वास नहीं होता ! पिछले दो माहमें भारतके ६० % भागमें बाढने प्रलयकी स्थिति निर्माण कर दी है ! द्रष्टा सन्तोंके अनुसार ऐसी स्थिति भारत एवं विश्वके अनेक स्थानपर आगामी छ: वर्षोंमें निर्माण होनेवाला है; अतः बाढकी स्थिति निर्माण होनेपर क्या करें, यह जानकारी रखें, जिससे आपातकालमें ऐसी ज्ञानका उपयोग स्वयं एवं अन्योंके लिए किया जा सके ।
यदि बाढ आनेतक कुछ समय हो –
* बिजलीका मुख्य स्विच बन्द कर दें ।
* गैसकी लाइन बन्द कर दें ।
* घरके मुल्यावन वस्तुयें तथा महत्त्वपूर्ण कागद अपने पास रखें या ऊपरी तलपर ले जाएं ।
* घरके प्लास्टिक बोतलें पीनेके पानीसे भर लें, बाढ आनेपर सबसे अधिक कठिनाई पीनेकी पानी मिलनेमें होता है । बिना भोजन कुछ दिवस रहा जा सकता है बिना पानी अधिक दिवस जीवित रहना कठिन होता है अतः पीनेके जलकी व्यवस्था रखें । घरके टब, सिंक, बाल्टी जो भी उपलब्ध हो सभीको अच्छेसे धोएं और उसमें भी पीनेका पानी संगृहित कर लें ।
* अपनी वाटिकामें (बगीचेमें) रखी वस्तुओंको घरमें ले आएं या या उसे अच्छेसे किसी वृक्ष या भवनसे बांधकर रखें ।
* अपने पडोसियोंके साथ मिलकर, घरके बाहरी भीतोंके चारों ओर रेतकी बोरियां लगाएं ।
* अधिकारीयोंकी सूचनाके लिए रेडियो सुनते रहें और बाढ आनेकी सूचना मिलनेपर सुरक्षित स्थानपर या सहायता शिविरोंमें चले जाएं ।
जब बाढ आ चुका हो –
* बहते पानीमें पैदल न चलें । बहाव तेज होनेपर ६ इन्च (आधा फुट) पानीमें भी आप गिरके बह सकते हैं ।
* पानीमें डूबे मार्गमें वाहन न चलाएं । कोइ दूसरा मार्ग ढूढें या पानीका स्तर घटनेतक रुकें । एक फुट वेगयुक्त पानीमें भी आप वाहनपर नियन्त्रन खो सकते हैं ।
* बढते पानीमें आपका वाहन यदि रुक जाए तो तुरंत उसे छोडकर ऊंचे स्थानकी ओर जाएं ।
* गिरे हुए बिजलीके तारसे बहुत सावधान रहे । यदि यह पानीमें गिरी हो तो उस पानीमें जाना मृत्युका कारण बन सकती है । घरमें डूबे हुए बिजलीके तारसे भी यह संकट हो सकता है ।
* सांप तथा अन्य पशु आपके घरमें घुस सकता है, उनसे सावधान रहे, अंधेरेमें एक फूट पानीमें भी बिना प्रकाशकी व्यवस्थाके न जाएं ।
* आस-पासके वृद्ध, बच्चों और विकलांगोकी सहायता कर, उन्हें सुरक्षित स्थानपर ले शीघ्र पहुंचाएं ।
जब आप बाढमें फंस चुके हों –
* यदि आप घरके बाहर है तो ऊंची स्थानपर चढनेका प्रयास करें ।
* यदि आप घरमें हैं तो उपरी तल तथा छतकी ओर जाएं जहांसे आवश्यकता पडनेपर आप सहायता मांग सकें ।
* साथमें आपातकालीन स्थिति हेतु कुछ वस्तु अपने पास थैलीमें रखे लें । थोडा सूखा अल्पाहार (नाश्ता), सूखे वस्त्र भ्रमण भाष और थोडे पैसे भी साथमें रखें ।
* बाढ आनेपर स्वयं तैर कर भागनेका प्रयास करें, अपितु सहायताकर्मियोंकी प्रतीक्षा करें ।
* अपने आराध्य या इष्ट देवताका नामजप करें ।
* जिस नदीमें बाढ आई हो, उनसे क्षमायाचना कर सूक्ष्मसे उनकी ओटी भरें एवं स्वयं तथा अपने क्षेत्रके लोगोंके रक्षण हेतु प्रार्थना करें |
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