आगामी आपातकाल हेतु महत्त्वपूर्ण सूचनाएं (भाग-२)
जैसे-जैसे हम आपातकालकी और बढेंगे, प्राकृतिक आपदाओंकी तीव्रता बढती जाएंगी; अतः अभीसे उसकी पूर्वसिद्धता करना अति आवश्यक है । कृपया इन सूचनाओंको संग्रहित कर रखें, उन्हें आचरणमें लानेका प्रयास करें एवं अन्योंसे भी साझा करें, यह जनहितमें आपसे साझा कर रहे हैं ।
आप सभी यह अनुभव कर ही रहे होंगे कि पिछले वर्षकी अपेक्षा इस वर्ष अत्यधिक वर्षाके कारण भारतमें अनेक स्थानोंपर बाढकी स्थिति निर्माण हुई है । आनेवाले वर्षोंमें बाढकी स्थिति और भी भयावह होनेकी आशंका है; अतः यदि सम्भव हो तो तैराकी सीखनेका प्रयास करें, जिससे आपात स्थितिमें आप स्वयंको एवं अन्योंको बचा सकें । साथ ही आपदा प्रबन्धनके विषयमें जानकारी प्राप्त कर, समाजको सिखानेका प्रयास करें, यह कालानुसार अति आवश्यक है ।
हमारे देशमें मनुष्योंके जीवनका कोई मोल नहीं; इसलिए आपदा प्रबन्धनकी न ही पर्याप्त व्यवस्था है और न ही उसे विद्यालय या महाविद्यालयमें उसे सिखाया ही जाता है । वह तो हमारे सैनिक ही ऐसे हैं जो सब स्थानपर संकटमोचक समान पहुंचकर अपने प्राणोंपर खेलकर आपदामें फंसे लोगोंको बचा लेते हैं; किन्तु जिस प्रकार पिछले तीन वर्षोंमें बाढके क्षेत्र एवं उसकी भयावहतामें वृद्धि हुई है, यह चिन्ताका विषय है और इस हेतु आपदा प्रबन्धनके तथ्य सीखने और सिखाने अति आवश्यक हो गए हैं ।
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