१४ अप्रैल, २०२०
रांचीके हिंदपीढीसे दो संदिग्ध संक्रमितोंको लाने गए स्वास्थ्य कर्मीकी मंडलीपर विरोधियोंने ईंट व पत्थर बरसाकर रुग्ण-वाहनको भारी क्षति पहुंचाई तथा चालकने भागकर, थाने पहुंचकर अपना बचाव किया । सुरक्षाकी दृष्टिसे वहां भारी पुलिस तैनात कर दी गई है । पांचमेंसे तीन संक्रमित केवल हिंदपीढीसे हैं, जिसमेंसे केवल एकको ही चिकित्सालय पहुंचा पाए । उलेखनीय है कि इससे पहले भी हिंदपीढीमें स्वस्थ्य कर्मियोंपर आक्रमण हो चुका है, जब मलेशियाकी एक संकर्मिताके सम्पर्कमें आनेवालोंकी जांचके लिए भेजी गई मंडलीको भी मार खाकर खाली हाथ वापस लौटना पडा था ।
राजनेताओंकी तुष्टिकरण अभीतक चल रही है, यह नीति इस देशको डुबोकर रखेगी ! क्योंकि इनकी निष्क्रियताके कारण ही जिहादी सुरक्षा कर्मियोंपर बार-बार आक्रमण कर रहें हैं। ऐसेमें उन्हें चिकित्सा नहीं अपितु कठोरदंड दिया जाना चाहिए, यह आजके शासक व प्रशासकवर्गको समझमें क्यों नहीं आता है ?-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑपइंडिया
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