उतिष्ठ कौन्तेय
उतिष्ठ कौन्तेय (०७/०४/२०२०)
१. राजस्थान स्थित सीकरके हेतमसर गांवमें ५ अप्रैलको कोरोनाके विरूद्ध देशकी एकता प्रदर्शित करनेके प्रधानमन्त्री मोदीके आह्वानपर कुछ ग्रामीणोंद्वारा बालाजी मन्दिरमें दीपक जलानेको लेकर धर्मान्ध सद्दाम, शाहरुख, जावेद, अरशद, एजाज, जाबिरने पहले उन्हें रोका, तत्पश्चात उनपर पत्थरोंसे आक्रमणकर उन्हें चोटिल कर दिया ! अन्य ग्रामीणोंके आनेपर सभी भाग गए । पुलिसने एक धर्मांधको बन्दी बनाया है तथा अन्य पकडसे बाहर हैं ।
यह प्रकरण बताता है कि यदि आपने भाईचारेमें धर्मान्धोंको अपने गांवमें रखा है और बसाया है तो कभी न कभी ऐसी स्थिति आएगी कि आप अपने देवताके मन्दिरमें दीप भी नहीं जला पाएंगें ! आशा है सीकरके वासी इससे सीख लेंगें और कथित धर्मनिरपेक्षताका त्यागकर आगे आएंगें !
———-
२. पाकिस्तानमें सिन्ध प्रान्तके एक गांव ‘उम्मीदे अली रिंदे’में हिन्दुओंके सात घरोंको आग लगाकर तीन बच्चोंको भी जीवित जला दिया गया, जिनमें दो लडके और एक बच्ची है, जबकि परिवारके सदस्य खेतोंमें आजीविका हेतु गए हुए थे । इसके साथ ही एक महिला भी झुलस गई । इसे पिछले २४ घण्टोंमें इसे दूसरी घटना बताया जा रहा है तथा पाकिस्तानद्वारा इस घटनाको रसोईघरमें लगी आगका नाम दिया जा रहा है !
आतंकियोंके देशमें हिन्दुओंकी रक्षाका विचार करना भी निरर्थक प्रतीत होता है । ऐसेमें इस आतंकी राष्ट्रका अन्त ही एकमात्र पर्याय है !
———-
३. दक्षिण देहलीके निजामुद्दीनमें तबलीगी जमातके मरकजका निर्माण नियमोंका उल्लंघनकर करनेका समाचार उजागर हुआ है । नगर निगमके ब्यौरेके अनुसार यह सात तलका (मंजिलका) भवन है, जबकि इसके भवनका दो तलका ही निर्माण अधिकृत है तथा इनके पास भवनके स्वामित्वके कागद (कागज) भी उपलब्ध नहीं हैं ! उल्लेखनीय है कि इस भवनके अवैध निर्माणकी स्थानीय लोगोंने अनेक बार परिवाद (शिकायत) की थी; परन्तु नगर निगम तथा पुलिस प्रशासनने कोई कार्यवाही नहीं की । अब इस भवनके अवैध निर्माणको तोडनेकी कार्यवाही आरम्भ हो चुकी है ।
इससे स्पष्ट होता है कि जिहादी प्रशासनके नियमोंकी अवहेलना करते रहे और एमसीडी व देहली शासनने इसपर कोई कार्यवाही नहीं की ! वास्तवमें जिहादियोंको पोषित करके देशमें असन्तुलनके उत्तरदायी केवल और केवल आजके राजनीतिक दल हैं; परन्तु अब तो शासन जागे और शीघ्रातिशीघ्र इसे और ऐसे अनेक अवैध निर्माणको गिराए !
———-
४. भारतमें ‘लॉकडाउन’ होते हुए भी कोरोना संक्रमणसे पीडितोंकी संख्यामें वृद्धि होती दिखाई दे रही है, जिसका मुख्य कारण जिहादी समुदायद्वारा निरन्तर नियमोंका उल्लंघन है । वही इस श्रृंखलामें अब सामाजिक जालस्थलोंपर ‘टिकटॉक’ भी इस्लाम प्रचारकके रूपमें उभर रहा है, जिसकेद्वारा इस्लामिक कट्टरपन्थी महामारी रूपी जिहादके प्रसार व हिन्दू युवतियोंसे विवाहकर उन्हें इस्लाम अपनाने जैसे ‘वीडियो’में दिखाई दे रहें हैं !
आज युवतियां भी इन ऑनलाइन माध्यमोंसे जुडी हैं तो निश्चित ही जिहादियोंद्वारा ऐसी वीडियों बनाना, यह भी जिहादका ही एक रूप है; अतः हिन्दुओ ! ऐसे विदेशी तकनीकी माध्यमोंका बहिष्कार करे व अपनी सन्तानोंको भी इसे प्रयोगमें न लाने हेतु जागृत करें; अन्यथा इसके परिणाम भयावह होंगें |
Leave a Reply