श्रीगुरु उवाच


फलकी अपेक्षा न करते हुए धर्मयुद्ध करनेसे निष्काम कर्मयोग होता है; फलस्वरूप आध्यात्मिक स्तर बढता  है । इसे  ही आध्यात्मिक स्तरपर जीतना कहते हैं ।- परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
साभार : मराठी दैनिक सनातन प्रभात (https://sanatanprabhat.org)


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