श्रीगुरु उवाच
हिन्दुओंके स्थानपर मुसलमानोंके पास ‘एकजुट मतपेटी’ होनेके कारण सर्वदलोंके राजनेता उन्हें सन्तुष्ट करनेके प्रयास करते हैं । हज यात्राको अनुदान, सच्चर आयोगकी अनुशंसाका कार्यान्वयन, मदरसोंके लिए विशेष अनुदान, ये सर्व मुसलमानोंके एकजुट मतोंके फलस्वरूप ही हैं । हिन्दुओंकी जाति, दल, सम्प्रदाय, प्रान्त, भाषा, इस प्रकार विभिन्न गुटोंमें बंटवारा होनेके कारण उनके मत भी बंट गए हैं । यदि हिन्दू संगठित हुए, तो ही हिन्दुओंकी मतपेटी सिद्ध होगी तथा हिन्दुओंके संगठित मत प्राप्त करनेके लिए ही सही; किन्तु राजनीतिक दलोंको हिन्दू हितका विचार करनेको बाध्य होना होगा । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
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