उत्तिष्ठ कौन्तेय
१. महाराष्ट्रके भिवण्डी नगरमें सोमवार दोपहर अजान होते ही नमाजियोंकी भीडने धारा – १४४ तोडते हुए मस्जिदमें नमाज पढी । पुलिसने आसबीबी मस्जिदके सभी पदाधिकारियोंके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिताकी धारा – १४४ (१)(३) एवं १८८, २६९ सहित राष्ट्रीय आपदा उल्लंघन अधिनियम २००५ की धारा-५१ बीके अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया है !
इस्लामके नामपर देशको संकटमें डालनेवाले ऐसे जिहादी लोगोंपर प्रशासन कडी कार्यवाहीकर इन्हें बन्दी बनाए !
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२. केरलमें सोमवारको कोरोना विषाणुसे संक्रमित लोगोंकी संख्यामें एकाएक वृद्धि होकर २८ होनेपर भी राज्य शासनकी विषाणुके विरुद्ध लडाई दिखावटी प्रतीत हो रही थी; क्योंकि मुख्यमन्त्री विजयनने बताया कि राज्य शासनद्वारा संचालित मदिराके विक्रय-केन्द्र (दुकानें) खुले रहेंगें; क्योंकि जब शासनने मदिराके विक्रयपर रोक लगा दी थी तो उन्हें कुछ बुरे अनुभवोंका सामना करना पडा था । अपने निर्णयको उचित बताते हुए उन्होंने पंजाबके मुख्यमन्त्रीका सन्दर्भ दिया कि उन्होंने भी ‘लॉकडाउन’के मध्य आवश्यकताकी सामग्री जैसे शाक इत्यादिके साथ मदिराको आवश्यक बताया था ।
स्वामी अयप्पा व हिन्दुओंका अपमान करनेवालोंसे इसके अतिरिक्त अपेक्षा भी नहीं की जा सकती; परन्तु इससे आजके नेताओंका बौद्धिक स्तर ज्ञात होता है कि कैसे वे जनताको मादकतामें पडे रहते हुए देखना चाहते हैं !
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३. कोरोना विषाणुके कारण जहां पूरे विश्वमें भयकी स्थिति है, वहीं आतंकी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट’ने इस महामारीको मूर्ति पूजन करनेवाले देशोंके लिए अल्लाहका आदेश बताया है व उन्होंने यह प्रार्थना भी की है कि केवल अल्लाहके माननेवालोंको इस महामारीका प्रकोप न हो, शेष सम्पूर्ण विश्व इस महामारीके विनाशसे दण्डित हो !
इस्लामिक देश भी इस महामारीसे पीडित हैं तो वहां मूर्ति पूजा होती है क्या ? समूचे विश्वके जिहादी, चाहे वे पाकिस्तानसे हों या अन्य कहींसे, एक ही भाषामें बोल रहे हैं, इसीसे इनकी कुत्सित बुद्धि बोध होता है !
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४. ‘राज्यसभा टीवी’में कार्य कर चुके ‘हिन्द किसान’के पत्रकार दिलीप खानपर हिमांशी जोशुने नामक युवतीने सोती महिलाओंके साथ अभद्रता करने और उन्हें मद्यपान करवाकर शारीरिक सम्बन्ध बनानेका आरोप लगाया है । दिलीप खान इसे सहमतिसे सम्भोग करना बता रहे हैं और हिमांशी बता रही हैं कि वह महिलाओंको मादक पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करता है और जब हिमांशीने इसे उजागर करना चाहा तो दिलीपके मित्रोंने उसे प्रताडित किया !
इस प्रकारके जिहादियोंका सभ्य समाजमें रहनेका कोई अधिकार नहीं है, ऐसे जिहादीयोंपर त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए, तभी समाज महिलाओंके लिए सुरक्षित बन सकता है !
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