उत्तिष्ठ कौन्तेय


१. जम्मू कश्मीरके शोपियांमें आतंकी गतिविधि संचालित करनेवाले दो पाकिस्तानी आतंकियोंने देहलीकी ओर प्रस्थान किया है, दोनों ही कुख्यात आतंकी संगठन ‘आईएसआईएस’के साथ ‘टेलीग्राम’के माध्यमसे सम्पर्क में हैं, उन्हें ‘आईएसआईएस’की पत्रिकाएं ‘अल नबा’ और ‘वॉइस ऑफ हिन्द’में भारतको लेकर लिखा गया है कि ‘कोरोना’ विषाणुकी स्थितिका लाभ उठाओ और ‘कत्लेआम करो’ और कश्मीरको मुक्त कराओ!
      एक ओर पाकिस्तान स्वयं भी इस महामारीसे मरणासन्न अवस्थामें है, दूसरी ओर वह अपनी कुकृत्योंसे भी पीछे नहीं हटता, भारत शासन इसपर कडी दृष्टि रखें, अन्यथा उतनी कोरोना क्षति नहीं करेगा, जितनी ये इस्लामिक आतंकी करेंगें; क्योंकि इनके समथक देशके भीतर भी बैठे हैं !
———-
२. केरलके एक गिरजाघरके पादरी टॉम जोसेफको तब बन्दी बनाया गया, जब वे राज्यमें ‘लॉक डाउन’ होते हुए भी प्रार्थनाके बहाने इकत्रित हुए । ‘मिशनरी आफ फेथ’ नामक इस गिरजाघरके पादरीके साथ दो ननों और आठ अन्य लोगोंको भी बन्दी बनाया गया; किन्तु उसके पश्चात उन्हें चेतावनी देकर छोड दिया गया !
       जहां केरल शासनने इन्हें दण्डित करना चाहिए था, वहीं इन्हें चेतावनी देकर छोड दिया गया ! इससे इनकी मिलीभगत सामने आती है । ऐसेमें केन्द्र ऐसे राज्यकी सीमाओंको त्वरित प्रतिबन्धित करे, जिससे अन्योंको हानि न हो !
———-
३. जर्मनीके हेस प्रान्तके वित्त मन्त्री थॉमस शेफरने आत्महत्या कर ली है, इसपर एक जिहादी चिकित्सक आलीमने ट्विटरपर इस समाचारको साझा करते हुए कहा कि भारतीय वित्त मन्त्री कहां हैं ? जब लोगोंने इसे ट्विटरपर घेरना आरम्भ किया तो इसने अपना खाता हटा दिया !
         क्या ऐसी जिहादी मानसिकताके लोग चिकित्सक बनने योग्य हैं ? ऐसी स्थितिमें सभीको साथ खडा होना चाहिए और आलिम चिकित्सक होकर भी जिहादी विष प्रकट कर रहा है; अतः स्पष्ट है कि कट्टरपन्थियोंको शिक्षा देनेका कोई लाभ नहीं !


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution