उत्तिष्ठ कौन्तेय
१. जिहादी शाहरुखने देहलीके स्वच्छता कर्मचारीको क्रूरतासे पीटा
देहलीके मंगोलपुरीमें शाहरुखने मस्जिदके पास, स्वच्छताकर्मी धर्मपालको पीट-पीटकर चोटिलकर दिया । नारियल बेचनेवाला शाहरुख, अपने ‘ठेले’का कचरा नीचे मार्गपर गिरा रहा था । धर्मपालने उसे ऐसा न करनेका निवेदन किया और कहा कि अस्वच्छताके साथ-साथ, इससे दुपहिया वाहन चालकोंको भी असुविधा हो सकती है, इसपर शाहरुखने उसे जातिवादसूचक अपशब्द कहे । विवाद बढ जानेपर शाहरुखने पासमें रखी लाठीसे उसे सिर व कन्धेपर मारा और नारियल काटनेवाले शस्त्रसे उसके शरीरपर कई वार किए । वारोंको रोकनेके प्रयासमें उसके हाथोंपर भी चोटें आईं, जिससे वह मूर्छित होकर धरतीपर गिर गया । उसके गिरनेपर आसपासके लोग एकत्रित हो गए । यह सारा समाचार धर्मपालके पुत्र राजेशने समाचार-वाहिनीको बताया । चिकित्सालयसे लौटते समय धर्मपालने पुलिसमें लिखित रूपमें परिवाद दिया तो उन्होंने उसके परिवाद पत्रकी प्रतिलिपि तो रख ली; किन्तु परिवाद प्रविष्ट नहीं किया । यह समाचार प्रकाशित करनेवाले ‘पोर्टल’ ‘ऑपइण्डिया’ने जब थानेके प्रमुखको दूरभाष किया तो उन्होंने दूरभाष काट दिया ।
अब यह स्पष्ट ही चुका है कि आंतकी मुसलमानोंसे डरे हुए पुलिस प्रभारी भी, हिन्दुओंके चोटिल हो जानेपर, चुपचाप बैठ जाते हैं । ऐसे पुलिसकर्मियोंको तुरन्त सेवामुक्त करके स्वच्छताकर्मी बना देना चाहिए, जिससे शाहरुख जैसे जिहादियोंसे संघर्षकर समझ सकें कि इन आतंकियोंका आतंक, सामान्यजनको कितने कष्ट देता है ? (१६.०५.२०२०)
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२. गृहबन्दीके पश्चात भी अनवर खानके घर ‘इफ्तार’, रोकने पहुंची पुलिसपर पथराव
गृहबन्दीके होते हुए झारखंडके रांचीमें शुक्रवार १५ मईको अनवर खानके घरपर ‘इफ्तार’का आयोजन किया गया । यह संज्ञानमें आतेही पुलिस वहां पहुंच गई । पुलिसको देखतेही ‘इफ्तार’के लिए आए लोगोंने पुलिसपर पत्थरोंसे आक्रमणकर दिया । इस घटनाके पश्चात अधिक संख्यामें पुलिसबल भेजा गया; परन्तु पुलिस आनेसे पूर्व ही सभी आक्रमणकारी पलायनकर गए । प्रशिक्षु एसपीके विजय शंकरने बताया कि उन लोगोंने पुलिस वाहनपरभी आक्रमण किया था । इस घटनामें गृहबन्दीके उल्लंघनके आरोपमें, १२ व्यक्तियोंके विरुद्ध प्रकरण पंजीकृत किया गया है ।
इससे पूर्व १ मईको ग्रेटर नोएडामें पुलिसने पप्पू और मौसम नामक व्यक्तियोंको बन्दी बनाया था जिनपर ‘इफ्तार पार्टी’ आयोजितकर लोगोंको जमा करनेका आरोप था । वहां गृहबन्दीके उल्लंघनके आरोपमें १९ व्यक्ति बन्दी बनाए गए थे ।
धर्मान्धोंके द्वारा पुलिसपर आक्रमण, गृहबन्दी उल्लंघन जैसे अपराध नित्य किए जा रहे हैं । जबतक देशमें विधान कडे नहीं होंगे । इन्हें भय नहीं होगा । (१६.०५.२०२०)
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३. छह वर्षके धर्मान्ध बालकने मोदीको मारनेके लगाए ‘नारे’
इंदौरके ‘इंडेक्स मेडिकल काॅलेज’ चिकित्सालयसे स्वस्थ हो चुके कोरोना रोगियोंको १३ मईको घर भेजते समय कुछ लोग उनका उत्साहवर्धनकर रहे थे, तभी छह वर्षके बालकने उद्घोषकर कहा कि ‘हम मोदीको मारेंगें ।’ वहां उपस्थित भाजपा नेताने उसके परिवारको समझानेका प्रयास किया कि इस प्रकारकी दुर्भावना अयोग्य है ।
इस प्रकारके प्रकरणसे स्पष्ट होता है कि धर्मान्ध अपने बच्चोंके कोमल मनमें किस प्रकार अन्य धर्मोंके लोगोंके प्रति विष भरते रहते हैं और समय आनेपर यह विषवमन करते रहते हैं । (१५.०५.२०२०)
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४. कोरोना संक्रमण ‘हॉटस्पॉट’ मेरठमें २ दिनोंसे चल रहा था उत्सव, यूसुफ बादशाह सहित ५ बन्दी
गुरुवार, १४ मई देर रात्रि एक गुप्त सूचना मिलनेपर जब ‘एडीएम सिटी’ अजय कुमार तिवारीने अपने ‘गनर’के साथ जली कोठी क्षेत्रमें यूसुफ बादशाहके घरमें दो दिनोंसे होनेवाले उत्सवमें ‘छापा’ मारा तो उसमे १५० धर्मान्धोंको प्रीतिभोज करते पाया । पुलिसबलको आया देख अधिकांश लोग भाग गए । यूसुफ बादशाह सहित ५ लोगोको बन्दी बनाकर सभीके विरुद्ध गृहबन्दी उल्लंघन सहित कई धाराओंमें आरोप प्रविष्ट किया गया है । इससे पूर्व भी अप्रैल माहमें इस क्षेत्रको निरुद्ध (सील) करने गए पुलिसबलपर स्थानीय लोगोंद्वारा पथराव किया गया, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी सहित कई पुलिसवाले चोटिल हुए थे । घटनास्थलसे कुछ ही दूरीपर स्थित, थाना पुलिसकी उपेक्षापर कार्यवाहीकी जा रही है ।
प्रशासनकी ढिलाई तथा निष्क्रियताके कारण ही धर्मान्धोंद्वारा गृहबन्दीके नियमोंका उल्लंघन किया गया है । पुलिसद्वारा शेष भागे हुए लोगोंको पकडकर उनके विरुद्ध भी अभियोग प्रविष्टकर कठोर कार्यवाहीकी जानी चाहिए, जिससे इन लोगोमें विधानका भय उत्पन्न हो । (१५.०५.२०२०)
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५. जम्मू कश्मीरके पुलवामा जनपदमें नमाज हेतु मार्गपर उतरे जिहादी; सुरक्षाबलोंपर किया पथराव ।
शुक्रवार, १५ मईके दिवस जम्मू कश्मीरके पुलवामा जनपदमें गृहबन्दीके मध्य नमाज पढने हेतु अत्यधिक संख्यामें जिहादी मार्गपर आ गए । जब पुलिसने विनतीकर उन्हें जानेका आग्रह किया तो जिहादी क्रोधित हो गए और पुलिसपर पत्थर बरसाने लगे; अतः स्थितिको नियन्त्रणमें करने हेतु पुलिसने जिहादियोंपर अश्रु गैस छोडी । उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी पुलवामाके कसबयार द्रबगाम क्षेत्रमें जब नमाजियोंको मस्जिदमें जानेसे रोका गया था तो उनकेद्वारा पुलिसके साथ अभद्रता की गई थी ।
जिहादियोंद्वारा पुलिसबलपर आक्रमणके प्रकरण सम्पूर्ण राष्ट्रमें अब सामान्य विषय हो चला है । न्याय व्यवस्थाके प्रति भयको जिहादी पूर्णतः त्याग चुके हैं और इसका प्रमुख कारण शासन व प्रशासनकी तुष्टीकरण नीतियां हैं । (१६.०५.२०)
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६. ‘इंशाअल्लाह, मेरा इण्डिया इस्लामिक राज्य हो जाएगा’: हिन्दू घृणासे लिप्त भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) महासचिव शौकत अली शाहीनका वक्तव्य
कांग्रेसके छात्र संगठन ‘NSUI’से जुडे जम्मू-कश्मीरमें इसके जनपद महासचिव शौकत अली शाहीनकी हिन्दू घृणासे लिप्त टिप्पणियां सामाजिक जालस्थलपर सामने आई हैं । जिसमें उसने हिन्दू धर्मको आतंकवादी धर्म, हिन्दुओंको ‘निरक्षर, भद्दे, गोमूत्र पीनेवाले व ‘हमारे भारत’में धार्मिक प्रदूषण फैलानेवाले कहा है । इस्लामकी प्रशंसा करते हुए कुरानको विज्ञानकी मार्गदर्शक व ‘मेरा इण्डिया इस्लामिक स्टेट’ हो जाए जैसे शब्दोंका प्रयोग किया है । इसके पश्चात उसने अपना सामाजिक जालस्थलका ‘पेज’ निष्क्रियकर दिया व ‘फेसबुक अकाउंट’ अस्थायी रूपसे बन्दकर दिया । कांग्रेसकी विचारधारा मूल रूपसे ही हिन्दू-घृणासे लिप्त रही है । यह सर्वविदित है कि कांग्रेसके नेता अपने वक्तव्योंमें हिन्दुओंके विरुद्ध घृणाको बढावा देते आए हैं । आए दिन हिन्दू भावनाओंको आहत करनेवाले व गोमातासे सन्बधित ‘चुटकले’, कटाक्ष सामाजिक जालस्थलोंपर आते रहते है ।
हिन्दुओंके भारतको अपना ‘इण्डिया’ कहनेवाले व इस्लामिक ‘स्टेट’की इच्छा रखनेवाले शाहीन जैसे इन मुसलमानोंको प्रशासनको कठोरतम दण्ड देना चाहिए । हिन्दू घृणित वक्तव्योंको बढावा देनेवाली कांग्रेसको यह बात स्मरण रखनी चाहिए कि इतिहासमें भी जब-जब हिन्दुओंने अपने धर्म व देशसे द्रोहकर इनका साथ दिया है, सबसे पहले इन मुसलमानोंने उन्हीं हिन्दुओंको मारा है; अतः समय रहते कांग्रेस ‘पार्टी’को भी सम्भल जाना चाहिए । (१५.०५.२०२०)
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७. पश्चिम बंगालमें, छठी कक्षाकी पाठ्य पुस्तकमें भगवान रामको बताया गया विदेशी
पश्चिम बंगालमें, छठी कक्षाकी पाठ्य पुस्तकमें भगवान रामको विदेशी बताया गया है और उन्हें भारतपर आक्रमण करनेवाला बताया गया है ।
और यह भी लिखा है कि अंग्रेजी शब्द ‘रोमिंग’की उत्पत्ति ‘राम’से हुई है और वे भारतीय मूलके राक्षस हैं ।
इस पुस्तकका सम्पादक एक जिहादी शिरीन मसूद है । उसने स्वतन्त्रता सेनानी खुदीराम बोसको आतंकवादी कहकर पहले विवाद उत्पन्न किया था ।
यह अत्यन्त गम्भीर घटना है और सामान्य हिन्दू तबतक ऐसी घटनाओं और समाचारोंको गम्भीरतासे नहीं लेता है जबतक कि उसे इससे व्यक्तिगत रूपसे हानि न हो ! हिन्दुओ ! स्वयंकी भयंकर हानि हो, इसके पूर्व ही जाग जाओ !
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८. हरियाणाके मेवातमें २५ वर्षोंमें मेवातके ५० गांव हिन्दूविहीन
विश्व हिन्दू परिषदकी ओरसे मेवातमें हिन्दुओंके उत्पीडनको लेकर बृहस्पतिवारको गठितकी गई तीन सदस्यीय जांच समितिने अपने प्रतिवेदनमें बताया है कि विगत २५ वर्षोंमें मेवातके ५० गांव हिन्दूविहीन हो चुके हैं ।
संगठनकी तीन सदस्यीय जांच समितिमें सेवानिवृत जनरल जीडी बक्षी, स्वामी धर्मदेव व अधिवक्ता चंद्रकांत शर्मा थे । विहिपने राज्य शासनसे अब ठोस कार्यवाहीकी मांग की है ।
प्रतिवेदनके अनुसार सम्पूर्ण मेवातमें हिन्दू विरोधी व राष्ट्र विरोधी षड्यन्त्र हो रहा है । प्रताडनाके कारण हिन्दुओंका पलायन होता रहा है । २५ वर्षोंमें २५ गांव हिन्दूविहीन हो चुके हैं । हिन्दू महिलाओंसे दुष्कर्म सामान्य घटना है । हिन्दुओंकी व्यक्तिगत, सार्वजनिक व मन्दिरोंकी भूमिपर अतिक्रमणपर हो रहे हैं । हिन्दुओंके धार्मिक प्रतीकोंका अपमान हो रहा है । विरोध करनेपर सैंकडों जिहादियोंकी भीड आक्रमण करती रही है । ‘सोशल मीडिया’पर राष्ट्र व हिन्दू विरोधी ‘पोस्ट’ चलती है । सन्तोंके साथ मारपीटकी जा रही है । पुन्हाना व नगीना खण्डोंमें अत्याचार अधिक हैं । हिन्दुओंको बलात धर्म परिवर्तनके लिए विवश किया जा रहा है । कट्टरपन्थियोंके पैसेसे मस्जिदोंका निर्माण सामान्य बात है ।
इसपर विश्व हिन्दू परिषदने मांग की है कि मेवातमें नियुक्त अधिकारियोंके स्थानपर निष्पक्ष अधिकारियोंकी नियुक्ति हो । हिन्दुओंपर अत्याचारसे सम्बन्धित प्रकरणमें थाना प्रभारीको उत्तरदायी ठहराया जाए । अर्ध सैनिक बलोंकी वहां नियुक्ति की जाए । अवैध धन व शस्त्रास्त्रोंकी ‘एनआइए’से जांच करवाई जाए । बांग्लादेशियों व रोहिंग्याकी घुसपैठकी जांचकी जाए ।
हम विहिपकी मांगोंका समर्थन करते हैं ।
(१८/०५/२०२०)
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