उत्तिष्ठ कौन्तेय
ईदकी नमाज हेतु प्रविष्ट हुई याचिकाको इलाहाबाद उच्च न्यायालयने किया निरस्त
इलाहाबाद उच्च न्यायालयने ईदके दिन मस्जिदोंको खोलने हेतु प्रस्तुत हुई जनहित याचिकाको निरस्तकर दिया है । मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर व न्यायधीश सिद्धार्थ वर्माकी खण्डपीठने यह निर्णय प्रदान किया है । न्यायालयने कहा कि इस विषयके सन्दर्भमें न्यायालयसे पूर्व उत्तर प्रदेश शासनके समक्ष आवेदन करने व शासनसे आदेश प्राप्त होनेके पश्चात ही न्यायालयमें याचिका प्रविष्टकी जा सकती है । याचिका शाहिद नामक व्यक्तिद्वारा प्रेषित हुई थी, जिसमें ईदपर एक घण्टे नमाज हेतु मस्जिदको खोलने व जून माहमें जुमेकी नमाज पढनेकी आज्ञा मांगी गई थी; याचिकामें यह भी कहा गया था ऐसा न किया जाए तो इस्लाममें प्रार्थना अपूर्ण रहती है ।
कोरोना महामारीके प्रकोपवश सभी धर्मस्थल बन्द है । विभिन्न मुसलमान धर्मगुरुओं व दारुलउलूम देवबन्दने भी आदेश प्रेषितकर ईदकी नमाजको घरोंपर ही पढनेको कहा है; परन्तु जिहादियोंकी मानसिकता सदैव नियमोंके उल्लंघनकी रही है और न्यायालयमें प्रविष्ट हुई याचिका उनकी इसी कृत्यका भान कराती है । (२०.०५.२०)
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उत्तर प्रदेशमें छद्म निकले २८४६ मदरसे, पंजीयनकी अनुमति देना अस्वीकार
मदरसोंमें घोटालोकी रोकथामके लिए २०१७ में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषदने ‘मदरसा पोर्टल’ आरम्भ किया था । सभी मदरसोंको इसपर पंजीयन कराना अनिवार्यकर दिया गया था । यहां आए आवेदनोंके परिक्षणके पश्चात २८४६ मदरसे छद्म निकले ।
पूर्ववर्ती ‘सरकारों’द्वारा ‘वोटबैंक’की राजनीतिके चलते इमामोको वेतन देना एवं नियमानुसार मदरसोंका पंजीकरण न करना सामान्य बात थी, इसके पहले उत्तराखण्डमें आधारसे ‘बैंकखाता’ जोडने करनेपर २ लाख मदरसा छात्र लुप्त हो गए थ, जो छद्म रीतिसे छत्रावृतिले रहे थे; इसीलिए अब समान शिक्षा और समान नागरिक संहिता आवश्यक है । (२०.०५.२०)
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‘सोशल मीडिया’ ऐप्प टिकटाॅकपर धर्मान्धोंद्वारा दुष्कर्मको महिमामण्डित करता ‘वीडियो’ प्रसारित ।
चीनी ‘ऐप्प’ टिक टाॅकपर धर्मान्ध मुजीबुर रहमानद्वारा सामूहिक दुष्कर्मके महिमामण्डनका ‘वीडियो’ प्रसारित किया जिसमें दो युवक अपने कपडे पहन रहे हैं और दूसरी ओर एक रोती हुई लडकी भी अपने कपडे ठीककर रही होती है । इस ‘वीडियो’की पार्श्वभूमिमें एक गीत बज रहा है जिसके शब्द हैं, “तेरी रूह पे, तेरे जिस्म पे, बस हक है इक मेरा ।” धर्मान्धोंद्वारा बनाया गया ‘वीडियो’ यह दिखानेका कुत्सित प्रयास है कि दुष्कर्म करना कितना ‘सहज’ है ?
इस प्रकरणसे स्पष्ट होता है कि धर्मान्ध ‘सोशल मीडिया’का दुरुपयोगकर समाजमें अनुचित सन्देश प्रसारितकर रहे हैं । शासनको इस प्रकारके ‘ऐप्प’पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए तथा ऐसे ‘वीडियो’ बनानेवालोंको दण्डित करना चाहिए । (१९.०५.२०)
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बंगाली ममता शासनका भ्रष्टाचार उजागर करनेवाले युवककी ‘टीएमसी’के पार्षदोंने आक्रमण करके करदी हत्या
बंगालके शासनके भ्रष्टाचारका, एक युवक सौमनद्वारा विरोध करनेपर, उसकी हत्याकर दी गई । सौमनने दृश्यपटपर, रुपालीपर आरोप लगाया था कि वह और उसके साथी आवश्यक सामग्रीका वितरण भेदभावपूर्णकर रहे हैं । इस दृश्यपटद्वारा विरोध दिखाए जानेपर तृणमूल शासनकी पार्षद रुपालीके साथी भडक गए । इसीकारण रुपालीने साथियों सहित उसे निर्ममतासे पीटा था और चिकित्सालयमें सौमनकी मृत्यु हो गई । सौमनकी मांके अनुसार, वह सौ रुपये लेकर आवश्यक खाद्य सामग्री जुटाने गया था; किन्तु रुपाली तथा उसके ‘गुण्डे’ उपद्रवियोंने उसे निर्ममतापूर्वक मारा, मूर्छित अवस्थामें उसे चिकित्सालय ले जाया गया । प्रत्यक्षदर्शियोंका कहना है कि रुपालीने सामग्री देनेके स्थानपर उसे पिटवाया; किन्तु नगर पालिकाके अध्यक्षने बातको ढकते हुए कहा कि उसे प्रशासनमें परिवाद करना चाहिए था, जबकि चोटिल अवस्थामें सौमनने भी मृत्युसे पहले, अपने वक्तव्यमें, उसे रुपालीद्वारा मारे जानेके सम्बन्धमें बताया था । उग्र भीडने पार्षद रुपालीके निवासपर पथराव किया, जिससे एक पुलिसकर्मी हताहत हुआ । तृणमूल शासनने पहले इस घटनामें किसी भी भूमिकाकाका होना अस्वीकार किया था, जबकि कालान्तरमें रुपालीने इसे स्वयं स्वीकार करते हुए आत्मसमर्पणकर दिया । पुलिसने रुपालीको बन्दी बना लिया है ।
बंगालमें जबतक ममता शासन है, तबतक वह हिन्दुओंके प्रति अपनी क्रूरता बरसाती ही रहेगी और निरपराधियोंको मारा जाता रहेगा । अब तो राष्ट्रपति शासनद्वारा ही उसे पदच्युत करके जनसामान्यको इसके अत्याचारोंसे मुक्ति मिल सकती है । (२०.०५.२०)
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कांग्रेस अधिवक्ताने किया योगीजी एवं भगवान श्रीरामका अपमान, बताया योगी को बेटियोंके समक्ष नग्न होनेवाला
कांग्रेसी अधिवक्ता पंकज पुनियाने ‘ट्वीट’द्वारा उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगीजी और भगवान श्रीरामका अपमान किया । पंकजने ‘ट्वीट’ किया, “कांग्रेस स्वयंके प्रभारपर श्रमिकोंको अपने घरोंतक पहुंचाना चाहती है । भगवा पहने संघी शवोंके साथ बलात्कार करते हुए, रामका उद्घोष करते हैं ।” कुछ समय पश्चात ‘ट्वीट’ हटा दिया गया; किन्तु जनसाधारणने उसका पटलचित्र (स्क्रीनशॉट) ले लिया और उसे बन्दी बनानेकी मांग की और इसके विरुद्ध अनेक हिन्दुओंने प्राथमिकी भी प्रविष्ट कराई, जिसके आधारपर उसे बन्दी बनाकर पुलिस अभिरक्षामें ले लिया गया है ।
यह हिन्दुत्वनिष्ठोंकी एक और विजय है, वैसे भारतीय संस्कृति और धर्मका अपमान करना कांग्रेसको भाता है; किन्तु अब जनसामान्य जाग्रत हो रहा है और इन्हें पाठ पढा रहा है; परन्तु यह पर्याप्त नहीं है । जो लोकतन्त्र, अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताके नामपर इन्हें ऐसा करनेकी छूट देता है, ऐसे निधर्मी लोकतन्त्रका अन्त होना तथा हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना होना अब अति आवश्यक है । ऐसे कृत्य करनेवालोंको कारावासका दण्ड होना चाहिए । (२०.०५.२०)
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टिक टॉकपर दाऊदको बुलावा, मोदीजीके चित्रके साथ गाना
चीनी ‘ऐप्प’ टिकटोकपर एक ‘वीडियो’ प्रसारित हुआ है । जिसे महाराष्ट्रके औरंगाबादका निवासी इमरान शेखने प्रसारित किया है । इसमें आतंकवादी दाऊद इब्राहिमको एक नायकके रूपमें प्रस्तुत किया है । इसमें दाऊदके छायाचित्रके साथ लिखा है , ”मैं निर्दोष हूं ।” साथ ही गृहमन्त्री अमित शाह तथा प्रधानमन्त्री मोदीजीके छायाचित्र उसके साथ सलग्न हैं । पार्श्वमें एक गीत भी बजता है जिसकेद्वारा उसे बुलाया जा रहा है ।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता तजिंदरपाल सिंह बग्गाने इस ‘वीडियो’की ओर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मन्त्री प्रकाश जावेडकरका ध्यान आकृष्ट कराया है । उन्होंने इसके विरुद्ध कार्यवाही करने तथा टिकटॉकको भारतमें प्रतिबन्धित करनेका आग्रह किया है ।
इससे पूर्वभी इस ‘ऐप्प’से ‘एसिड अटैक’ तथा बलात्कारका महिमामण्डन हो चुका है । जो अत्यन्त घृणास्पद है । ऐसे ‘ऐप्प’ अतिशीघ्र बन्द होने चाहिए तथा इनका दुरुपयोगकर समाजमें विषवमन करनेवालोंके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही होनी चाहिए । (२०.०५.२०)
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कांग्रेसद्वारा बस वाहनोंका कपट
उत्तर प्रदेशमें बसोंको भेजनेका प्रकरण विवाद बढता जा रहा है और उत्तर प्रदेश शासनको भ्रामक सूचना देनेके कारण अजय कुमार लल्लूके विरुद्ध लखनऊ स्थित हजरतगंज थानेमें भारतीय दण्ड विधानकी धारा ४२०/४६७/४६८ के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट कराया गया है । इसपर प्रियंका वाड्राने आपत्ति जताते हुए लिखा कि योगीजी इन बसोंपर आप चाहें तो बीजेपीकी पताकाएं लगवा दीजिए; परन्तु हमारे सेवाभावको मत ठुकराइए ! इसका उत्तर देते हुए सिद्धार्थनाथ सिंहने बताया कि प्राथमिक आधारपर उपलब्ध वाहनोंकी सूचीमें ‘कार’, ‘ट्रैक्टर’, ‘एंबुलेंस’ और ‘स्कूटर’ जैसे वाहनोंके क्रमांक हैं । स्वयं कांग्रेसकी रायबरेलीसे विधायक अदिति सिंहने भी कांग्रेस दलकी इस ओछी राजनीतिकी मानसिकतापर प्रश्न किया है ।
कांग्रेस दलकी यह पुरानी नीति है कि कैसे भी वह प्रत्येक स्थितिका उपयोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंकनेके लिए करती है । प्रियंका वाड्रा पहले यह बताए कि केदारनाथ धाममें आए जलप्रलयकी आपदाके समय, कांग्रेसद्वारा सहायता सामग्रीके भेजे गए २८ ट्रकोंमेंसे एक भी वहां क्यों नहीं पहुंचा है ? इसका उत्तर देनेके पश्चात ही वह योगी शासनपर अंगुली उठाए ! वैसे जब कोटाके छात्रोंको उत्तर प्रदेशमें भेजना था, तब ये सेवाभाव कहां चला गया था ? इसका भी उत्तर दें ! (२०.०५.२०)
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इन्दौरमें फातिहा पढने कब्रिस्तान गए यूनुस कबाडीपर हुई प्राथमिकी प्रविष्ट (FIR) तो विरोधमें पुलिसपर फेंके गए पत्थर
मध्य प्रदेशके इन्दौरमें ‘कोरोना’की रोकथाममें जुटी पुलिसपर रावजी बाजार क्षेत्रमें मुसलमानोंने एक बार पुनः पत्थर फेंके । इसी क्षेत्रमें रहनेवाला मोहम्मद यूनुस उपाख्य यूनुस कबाडी गृहबन्दीके नियमोंका पालन न करते हुए कब्रिस्तानमें ‘फातिहा’ पढने गया । पुलिसको सूचना मिलते ही उन्होंने नियमोंका उल्लन्घन करनेके आरोपमें धारा १८८ के अनुसार परिवाद प्रविष्ट किया । जब पुलिस उसे बन्दी बनाने पहुंची तो मुसलमानोंने पुलिसके विरोधमें उद्घोष किए । पुलिसके घर लौट जानेका आग्रह करनेपर वे लोग नहीं माने व पत्थर फेंकने आरम्भकर दिए । उल्लेखनीय है कि इन्दौर मध्य प्रदेशका सबसे अधिक ‘कोरोना’ प्रभावित नगर है । आरम्भसे ही इस क्षेत्रमें चिकित्सकों और पुलिसके दलोंपर पत्थर फेंकनें और थूकनेके अनेक प्रकरण सामने आते रहे हैं ।
मुसलमानोंकी निरक्षरता व धर्मान्धताका परिणाम आज पूरे देशमें अनेक स्थानोंपर पुलिस व चिकित्सकोंको झेलना पड रहा है । प्रशासनने यदि एक स्थानपर भी नियमोंका उल्लंघन करनेवालोंको कडा दण्ड दिया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पडता । (१९.०५.२०२०) – दिनेश दवे
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