उत्तिष्ठ कौन्तेय


१. महाराष्ट्रमें शिवसेना गठबंधन शासनने मुसलमानोंको शिक्षा और रोजगारमें आरक्षण देने हेतु अध्यादेश लानेकी घोषणाकी है । आरक्षणको लेकर ‘एनसीपी’के वरिष्ठ राजनयिक नवाब मलिकने कहा कि मुसलमानोंको शिक्षण संस्थाओंमें ५ प्रतिशत आरक्षण देनेके निर्णयको अब मान्यता दे दी गई है ‌!
   हिन्दू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरेके कालमें शिवसेना पूर्णतः हिन्दू विचारधारावाला राजनीतिक दल था; किन्तु आज यह  दल सत्ताके लोभमें मुसलमानोंकी तुष्टिकरण कर हिन्दुओंके हृदयसे निकल रहा है और यदि ऐसा रहा तो यह शीघ्र ही अपना अस्तित्व खो देगा ।
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२. अलीगढ, रविवार २३ फरवरीको, ‘सीएए’के विरुद्ध हिंसाके पश्चात उपद्रवियोंने हिन्दुओंके घरोंमें घुसनेका प्रयास किया और स्थानीय बाबरी मंडी चौकीको घेर लिया था, तत्पश्चात भयभीत हिन्दुओंने घरोंके बाहर ‘मकान बिकाऊ हैं’के फलक लगा दिए । शासनद्वारा आश्वासन दिए जानेपर फलक हटा दिए गए । २८ फरवरीको, जुमेकी नमाजको देखते हुए इस क्षेत्रमें शान्ति बनाए रखनेके लिए शासनद्वारा ४००० लोगोंको निषेधात्मक अधिसूचना भेजी गई हैं ।
       मुसलमान बहुसंख्यक होनेपर हिन्दुओंको मारकर भगा रहे हैं । पुलिस बल भी स्वयंकी रक्षा करनेमे असमर्थ हो रहे हैं । हिन्दुओ ! अब तो जागरूक होकर सत्य देखें और भाईचारेके इस जालसे बाहर आकर अपने रसखान हेतु स्वयंसिद्ध हों !
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३. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपकी भारत यात्रा समाप्त होते ही पाकिस्तानके साथ नूतन व्यापारिक सम्बन्ध बढानेके लिए अमेरिकाके वाणिज्य मन्त्री विल्बर रॉसको पाकिस्तान भेजा गया । रॉसने अपने वक्तव्यमें पाकिस्तानके साथ व्यापारिक सम्बन्धोंके साथ-साथ  आतंकवादसे लडनेके उनके नूतन प्रयासोंकी प्रशंसा भी की !
   अमेरिकाके इसप्रकारके कृत्योंसे उसकी वास्तविकता उजागर होती है । भारतके नेतागण कब इसे समझकर शस्त्रोंमें आत्मनिर्भर बनेंगें ?
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४. जेएनयू’ छात्रसंघकी अध्यक्षा आइशी घोषने कहा कि मुसलमान चाहे तो ‘जेएनयू’ परिसर और कार्यालयमें आश्रय ले सकते हैं । इसके अतिरिक्त आइशीने एक फलक (पोस्टर) साझा किया, जिसका शीर्षक है, “मुसलमानोंपर राज्य-प्रायोजित हिंसाके विरुद्ध सभी एकजुट हो !”
  मैकाले शिक्षित और राष्ट्रद्रोही युवाओंसे और आशा भी क्या की जा सकती है ?; परन्तु दुःखद है कि देशमें विष घोलनेवाले ये कथित छात्र देशद्रोह करनेपर खुले घूम रहे हैं !
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५. कमलनाथके नेतृत्ववाला मध्यप्रदेश शासन महिलाओंके लिए पृथक मद्यके भण्डार (दुकानें) खोलेगा । आरम्भमें एक-एक भण्डार-केन्द्र भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, और जबलपुरमें खुलेंगें, राजस्व बढाने और स्थानीय ‘ब्राण्ड’को बढाने हेतु इन स्थानोंपर ‘वाइन फेस्टिवल’का आयोजन भी किया जाएगा !
  हिन्दूद्रोही कमलनाथ शासनद्वारा राजस्व एकत्र करनेके नामपर लिया गया यह संस्कृति विरुद्ध पग निन्दनीय है और राजनेताओंके बौद्धिक पतनको दर्शाता है; अतः हिन्दू समाजको मुखर होकर इसका विरोधकर करे !
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६. देहली उपद्रवमें ‘आइबी’में कार्यरत अंकित शर्माकी हत्यापर चिकित्सकने लिखा है कि ४०० से अधिक बार २ से ४ घंटे तक अंकितके शरीरको चाकुओंसे मारा गया ! इस क्रूर अमानुषिक हत्याकांड और यातनाको करनेमें कमसे कम ६ लोगोंके सम्मिलित होनेकी बात बताई गई है ! साथ ही, उनकी आंतको शरीरसे बाहर निकाल दिया था । उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंकित शर्माको ‘आप’के पार्षद ताहिर हुसैनके गुंडे घसीट कर ले गए और मार डाला !
    अंकित शर्माकी इस प्रकारकी  हत्यासे हम समझ सकते हैं कि जिहादियोंका भाईचारेका नाटक कितना खोखला है; क्योंकि यह हत्या केवल मारनेके लिए नहीं, वरन हिन्दू होनेके कारण की गई है ! अब हिन्दुओंको जागना चाहिए और इस कथित भाईचारेके छलमें नहीं फंसना चाहिए !


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