उत्तिष्ठ कौन्तेय
१. देहलीके करावल नगरमें अर्धसैनिक बलोंके सैनिकोंपर ‘एसिड’से आक्रमण किया गया है ! ‘टाइम्स नाउ’के अनुसार सैनिक वहां स्थितिको नियन्त्रणमें करनेके लिए गए थे, तभी उनपर किसी रसायनसे आक्रमण किया गया, जिसके पश्चात उन्हें जीटीबी चिकित्सालयमें ले जाया गया ।
जिहादी आतंकियोंका दुस्साहस इतना बढ गया है कि सशस्त्र बल सैनिकोंके साथ यह कर रहे हैं तो साधारण नागरिकोंके साथ वे क्या कर सकते हैं इसकी यह आप ही सोचें ? केन्द्र अब निद्रासे जागे और आतंकियोंको सीधा गोली मारनेके आदेश दे !
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२. गुजरातके आनन्द जनपदके खंभात तालुकामें रविवार, २३ फरवरीको हिन्दू और मुसलमान समुदायके मध्य गत २४ जनवरीके उपद्रवको लेकर आरम्भ हुई मौखिक कहासुनी एकाएक मारपीट और पथरावमें परिवर्तित हो गई ! इनमें १३ लोग चोटिल हो गए । उत्तेजित भीडने वहां २५ घरों-दुकानों और वाहनोंको आग लगा दी !
हिन्दू एक शान्तिप्रिय समुदाय है, यह मुसलमान जानते हैं और अशांति फैलानेका कोई न कोई अवसर ढूंढते रहते हैं, जिससे हिन्दू समुदाय वहांसे पलायन कर जाए । हिन्दुओंको यह समझकर एक होकर इसका विरोध करना ही होगा ।
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३. केरलमें एक माता-पिता अपने बच्चेको प्रवेश दिलवाने ‘सेंट मेरिज’ विद्यालयमें गए । उन्होंने विद्यालयके प्रवेश-पत्रमें धर्मका स्तम्भ रिक्त छोड दिया, जिस कारण विद्यालयने प्रवेश देना अस्वीकार कर दिया । पिताके स्वयंको धर्मनिरपेक्ष बतानेपर भी विद्यालयके व्यवहारमें कोई परिवर्तन नहीं आया !
ईसाई विद्यालयोंमें अपने बच्चोंको प्रेवश दिलाकर उनका जीवन नष्ट करनेवाले कथित धर्मनिरपेक्ष हिन्दुओंके लिए यह एक सीख है!
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४. देहलीमें ‘सीएए’के विरोधमें भडकी हिंसाको लेकर जावेद अख्तरने कहा कि देहलीमें हिंसाका स्तर इतना अधिक बढ गया है कि सभी कपिल मिश्रके ऊपरसे ‘पर्दा’ हट रहा है । ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि नागरिकोंको विश्वास हो सके कि यह सब ‘सीएए’के विरोध-प्रदर्शनके कारण हो रहा है तो ‘ट्विटर’पर लोगोंने उन्हें मुसलमानोंका चतुराईसे बचाव करनेके लिए लताडा और अवसरवादी बताकर आगमें घी डालनेवाला बताया !
मुसलमान सदैव मुसलमानोंके ही हितैषी हैं, इस कथनकी पुष्टि जावेद अख्तरके बोल कर रहे हैं; अत: हिन्दुओं अब संगठित होकर इन राष्ट्र विरोधी इन तत्वोंके बहिष्कारका समय है ।
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५. देहलीके ब्रह्मपुरी क्षेत्रसे आए एक वीडियोमें देखा गया कि २-३ लोग एक हिन्दू व्यक्ति विनोदके शवको जिहादियोंकी भीडसे दूर लेकर जा रहे हैं; परन्तु मुसलमानोंकी भीड एकाएक आकर ‘अल्लाह-हु-अकबर’का उद्घोष लगाने लगती है । इसमें मुसलमानोंको कहते सुना जा सकता है कि हिन्दूके शव उन्हें इसीप्रकार सम्पूर्ण रात्रि मिलेंगे !
हिन्दुओ ! यह है भाईचारेका ढोंग करनेविले जिहादियोंका सत्य ! क्या अब भी नेत्रोंपर पट्टी बांधे भ्रामक भाईचारेमें पडे रहेंगें?
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