श्रीगुरु उवाच
विद्यालयीन शिक्षासे लेकर स्नातकोत्तर शिक्षणतक, किसी भी कक्षामें मानवताकी सीख न दिए जानेके कारण प्रत्येक क्षेत्रमें जनताको लूटनेवाले व्यावसायिक एवं चाकरी (नौकरी) करनेवाले निर्माण हुए हैं । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
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