सरलता सन्तोंकी विशेषता होती है !
मैंने आपको बताया था कि परशुराम जन्म स्थलीके महन्त परम पूज्य बद्री बाबाकी आयु १०४ वर्षके लगभग है किन्तु वे पूर्णत: स्वस्थ हैं । चार दिवस पूर्व वे अकस्मात उपासनाके आश्रममें मध्याह्न दो बजे आए । मुझे एक साधिकाने बताई तो मुझे बहुत आनन्द हुआ ! यह भी सन्तोंकी एक विशेष कृपा व सौभाग्य उपासनाको प्राप्त है कि सन्त बडे अधिकारसे कभी भी आश्रममें पधारते हैं । उनके पास चार पहिया वाहन नहीं है तो मैंने सहज पूछा, “बाबा कैसे आए हैं आप ? आप आज्ञा देते तो आश्रमसे हम आपको लेने आ जाते !” उन्होंने सहज होकर कहा, “नहीं बेटी, उसकी आवश्यकता नहीं है, मैं तो कुछ आवश्यक कार्यसे निलेशकी मोटरसाइकिलसे बैंक गया था, लौटते समय इच्छा हुई तो यहां आ गया !” इतने बडे सन्त और इतनी सरलता ! मैं भाव-विभोर हो गई !
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