देव स्तुति
मन्दाकिनी सलिल चन्दन चर्चिताय नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय ।
मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मै ‘म’ काराय नमः शिवायः ॥
अर्थ : चन्दनसे अलंकृत एवं गंगाकी धाराद्वारा शोभायमान नन्दीश्वर एवं प्रमथनाथके स्वामी महेश्वर, आप सदा मन्दार पर्वत एवं बहुदा अन्य स्रोतोंसे प्राप्त पुष्पोंद्वारा पूजित हैं । हे ‘म्’ स्वरूपधारी शिव, आपको नमन है ।
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