घरका वैद्य – पाटलपुष्प (गुलाब) (भाग-२)


* अच्‍छी भावनाके लिए : मनको प्रसन्न रखने और सकारात्‍मक विचारको बढानेके लिए पाटलपुष्पकी पंखुडियोंका सेवनकर सकते हैं । कुछ मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि पाटलपुष्पकी पंखुडियोंका नियमित सेवनकर प्रसन्न, तनावमुक्‍त व सहज अनुभव किया जा सकता है । भोजनके साथ इनका उपयोग करनेपर ये भोजनका स्वाद भी परिवर्तित कर देती हैं और इसके अतिरिक्‍त पोषक तत्त्‍व भी प्राप्‍त होते हैं ।
* संक्रमणसे रक्षा हेतु : पाटलपुष्पकी पंखुडियोंवाले क्वाथका (चायका) सेवन संक्रमणसे रक्षा करता है । ऐसा इसलिए होता है; क्‍योंकि पाटलपुष्पमें विद्यमान पोषक तत्त्व यकृतमें (लीवरमें) पित्तका उत्‍पादन उचित मात्रामें करते हैं । इस प्रकार इस ‘चाय’का सेवन करनेसे पित्ताशयकी थैलीकी प्राकृतिक रूपसे स्वच्छता हो जाती है ।
* अवसादसे रक्षण : पाटलपुष्पकी पंखुडियोंमें ‘फ्लैवोनोइड्स’की अच्‍छी मात्रा होती है । यह शक्तिशाली तनावरोधी गुण प्रदान करती हैं । ये गुण तनाव और अवसाद दोनोंका प्रभावी रूपसे उपचार करते हैं । इसके अतिरिक्त कुछ अध्‍ययनोंसे ज्ञात हुआ है कि पाटलपुष्पकी पंखुडियोंमें ‘एंटीप्‍लेप्लिक’ गुण भी होते हैं, जो अवसादके प्रभावसे बाहर निकालनेमें सहायक हैं ।
* मुख सम्बन्धी रोगोंमें : पाटलपुष्पके पत्तोंको चबानेसे भी मुख और होंठोंकी सूजन न्यून होती है ।
* मलावरोधमें (कब्जमें) लाभप्रद : जिन लोगोंको मलावरोधकी समस्‍या होती है, उनके लिए पाटलपुष्पका पुष्प अत्यधिक लाभप्रद होता है । मलावरोधमें पाटलपुष्पके पुष्प, पाटलपुष्पकी पत्तियां, पाटलपुष्पकी पंखुडी और इसके फलोंका सेवनकर सकते हैं, साथ ही इन सभी उत्‍पादोंसे बनी ‘चाय’का भी सेवनकर सकते हैं । यह चाय प्रतिरक्षा प्रणालीको सशक्त करनेमे सहायक हो सकती है । इस चायका उपयोग पाचन तन्त्रको बलशाली बनाता है और मलावरोध और पेटसे सम्बन्धित अन्‍य समस्‍याओंको भी दूरकर सकता है ।
* मूत्रपथके लिए : उदरकी समस्‍याओंको दूर करनेके साथ ही पाटलपुष्पकी पंखुडियोंवाली ‘चाय’में प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण भी होते हैं अर्थात यह अधिक मूत्र करनेके लिए प्रोत्‍साहितकर स‍कता है । इस प्रकार इस ‘चाय’का सेवनकर विषाक्‍त पदार्थोंको बाहर करनेके लिए मूत्रपथको स्‍वस्‍थ्‍य रखा जा सकता है । यदि आप हलके मूत्रपथ संक्रमणसे पीडित हैं तो इस ‘चाय’का सेवन करना अत्यन्त लाभप्रद हो सकता है ।
 अतः देशी पाटलपुष्प जिसमें भीनी-भीनी सुगन्ध होती है, उसकी पंखुरियोंको छांवमें सूखाकर वायुरोधी डिब्बेमें डालकर संग्रहित किया करें !


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution