उत्तिष्ठ कौन्तेय
उत्तर प्रदेशमें किया जाएगा देशद्रोहियों प्रदर्शकारियोंकी सम्पत्तियोंका राजकीय विक्रय
उत्तर प्रदेशमें ‘सीएए’के उपद्रवियोंकी सम्पत्तिका सघोषविक्रय (नीलाम) करके, राज्यकी क्षतिपूर्तिकी जाएगी । उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगीजीने कठोरता अपनाते हुए विधान पारित किया है । जिन उपद्रवियोंने ‘सीएए’के विरोधमें प्रदर्शन करते हुए सार्वजनिक सम्पतियोंको क्षति पहुंचाने और नष्ट करनेका दुष्कर्म किया है, उनकी सम्पतियोंको घोषके साथ विक्रय (नीलाम) किया जाएगा । नागरिक संशोधन विधानके (CAA) विरोधमें उग्र प्रदर्शनकारियोंने सार्वजनिक वाहनोंको बहुत भारी क्षति पहुंचानेका दुष्कर प्रयास किया था ।
ज्ञातव्य है कि उपद्रवियोंने अनेक दुपहिया तथा चार पहिया वाहन (कारें) और तीन सार्वजनिक यात्री वाहन (बसें) जला दी थीं । इनके साथ-साथ अन्य कई वाहन जलाकर नष्टकर दिए थे ।
जब योगी शासनने पहले उपद्रवियोंकी सम्पत्तिको विक्रय करना आरम्भ किया था तो न्यायालयने इसपर स्वतः संज्ञान लेते हुए रोक लगा दी थी और विधान न होनेका आधार बताया था, इसपर योगी शासनने अविलम्ब अध्यादेश पारितकर विधान बना दिया था । अब इसी विधानके अनुसार उपद्रवियोंकी सम्पत्तिका विक्रय किया जाएगा ।
उपद्रवियोंको शिक्षा देकर छोड देनेके स्थानपर दण्ड देना श्रेष्ठतम है, जैसा कि योगीजीने देनेका विधान पारित किया है । इसे सर्वोत्तम सेवाके लिए योगीजी धन्यवादके पात्र हैं । अन्य राज्योंको भी योगीजीसे शिक्षा लेते हुए राष्ट्रको अपराधियोंसे इसी प्रकार रक्षा करनी चाहिए । (११.०६.२०२०)
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भारतमें बुद्धिजीवी मार्गोंपर तब निकलते हैं जब राष्ट्रको क्षतिग्रस्त करना व जलाना हो; इनमें मानवता तभी उत्पन्न होती है जब प्रकरणोंमें जिहादी हों : कंगना रनौत
कश्मीरमें आतंकियोंद्वारा सरपंच अजय पंडितकी निर्मम हत्यापर आक्रोश व्यक्त करते हुए चलचित्र क्षेत्रकी राष्ट्रवादी विचारधारावाली अभिनेत्री कंगना रनौतने ‘बॉलीवुड’के तथाकथित प्रतिष्ठित वर्गको लताड लगाई है । सामाजिक जालस्थल ‘ट्विटर’पर अपना एक ‘वीडियो’ साझा करते हुए कंगनाने लिखा है कि मैं भारतीय हूं, लज्जित हूं व चाहती हूं कि कश्मीरके लुकभावन गांवमें आतंकियोंकी गोलियोंद्वारा मृत्युको प्राप्त हुए सरपंच अजय पंडितको न्याय मिले ।
वह इस ‘वीडियो’में कहती दिखाई देती है कि चलचित्र जगतके कलाकार स्वंयको बुद्धिजीवी कहते हैं तथा ‘मोमबत्तियों’द्वारा प्रचार करते हैं व हाथोंमें ‘पेट्रोल बम’ लेकर मार्गोंपर निकल जाते हैं, देशको जलाते हैं; परन्तु यह समस्त कृत्य वह तभी करते हैं जब इन प्रकरणोंमें जिहादी सम्मिलित हों; अन्य किसीके लिए वह न्याय हेतु मुखसे एक शब्द भी नहीं उच्चारण करते हैं । यथार्थमें वह भेडके रूपमें भेडिये हैं जो हिन्दुओंको धर्मनिरपेक्षता सिखाते हैं । उन्हें यह नहीं ज्ञात कि जिस धर्ममें मानव और सभीसे प्रेम सिखाया जाता है; ग्रह, नक्षत्र व ब्रह्माण्डकी पूजा करनेके विषयमें बताया जाता है वह किसीको हानि नहीं पहुंचाता । उल्लेखनीय है कि कंगना अधिकतर सामयिक सामाजिक प्रकरणोंमें मुखर होती दिखाई देती है ।
ऐसे राष्ट्रवादी विचारधारावाले कलाकार प्रशंसाके पात्र हैं । उन्हें सत्यका भान है कारणवश वह समाजको जागरूक करनेका कार्य निपुणतासे करते हैं । (११.०६.२०)
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बंगालका रोजिबुल मुल्ला जो भाजपा सांसदके सामूहिक दुष्कर्मकी बात कहता है, सैनिकोंकी मृत्युका उत्सव मनाता स्वतन्त्र घूम रहा है
रोजिबुल मुल्लाने न केवल अपने लेखोंमें हिन्दू देवी-देवताओंके लिए अभद्र भाषाका उपयोग किया; अपितु सुभाष चंद्र बोसके लिए अपमानजनक शब्द लिखे, भारतीय सेनाके लिए घृणा दिखाई और भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जीके साथ सामूहिक दुष्कर्म करनेका मन्तव्य भी प्रकट किया ।
पाकके समर्थनमें बंगालके इस कट्टरपन्थी रोजिबुल मोल्लाने भारतीय सेनाके लिए कहा, “जब पाकिस्तानी सैनिक भारतीय सेनाको मारते हैं, तो मैं प्रसन्न हो जाता हूं ।” इसके अतिरिक्त उसने अपने ‘फेसबुक पोस्ट’में नेताजी सुभाष चंद्रके लिए भी अत्यन्त अभद्र भाषाका प्रयोग किया ।
ये जिहादी वर्गका मात्र एक प्रतिनिधि है और इसके जैसे लाखों विकृत मानसिकताके जिहादी इसी राष्ट्रके अन्न जलपर पलकर इसीके विरुद्ध सतत षड्यन्त्रकर रहे हैं । इनसे तो सावधान रहना ही है; परन्तु भारत शासन सबकुछ जानते हुए भी मौन क्यों है ? यह प्रश्न भी बार-बार उठता है । वस्तुतः इनके ऐसे दुस्साहसके पीछे इनकी पाकिस्तानी मानसिकता है, जिसे ममता बनर्जी भी पोषितकर रही है अर्थात उससे इसे दण्ड मिलेगा, यह अपेक्षा करना व्यर्थ है । ऐसे सभी तत्त्वोंपर अंकुश लगाना है तो पाकिस्तानका विनाश एकमात्र उपाय है । जिस दिन पाकिस्तान नष्ट हो जाएगा, ये सब जिहादी देशभक्त बननेपर विवश हो जाएंगे; अतः भारत शासन पाकिस्तानका उपचार करे, यह हम सभी भारतीयोंकी मांग है ।
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हिन्दुओंको जिहादियोंने पीटा, समाचार माध्यम मौन
उत्तर प्रदेशके जौनपुर जनपदके भदेठी गांवमें मंगलवार (जून ९, २०२०) रात अनुसूचित जातिके हिन्दुओंके साथ हुई बर्बरताके प्रकरणमें पुलिसने अब तक कुल ३५ लोगोंको बन्दी बनाया है । घटनाक्रमका मुख्य सूत्रधार सपा नेता जावेद सिद्दीकी है और यह पूर्व मुख्यमन्त्री अखिलेश यादवका विश्वस्त है । ज्ञातव्य है कि मंगलवार रात अनुसूचित जाति हिन्दुओंके गांवमें मुस्लिमोंके आक्रमणका एक ‘वीडियो’ अधिवक्ता प्रशांत पटेलने अपने ‘ट्विटर’पर प्रसारित किया था । इस प्रकरणपर स्वंय मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने संज्ञान लिया है । उन्होंने इन हिन्दुओंके घर फूंकनेके मुख्य आरोपी नूर आलम और जावेद सिद्दीकी समेत सभी आरोपियोंपर तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा विधान (कानून) अर्थात ‘एनएसए’के अन्तर्गत कार्रवाही करनेका आदेश दिया है ।
यह घटना यदि उत्तर प्रदेशमें नहीं होती तो सम्भवतः प्रकाशमें ही नहीं आती और न कोई कार्यवाही होती; परन्तु संविधानने जिन हिन्दू जातियोंको अनुसूचित श्रेणीमें रखा है और अनेक वामपन्थी जिन्हें ‘दलित’ कहते हैं (हम नहीं कहते), ऐसे हिन्दुओंपर भी जिहादी निरन्तर अत्याचारकर रहे हैं । बंगाल, हरियाणाके मेवात और अब उत्तर प्रदेशके अधिकांश क्षेत्रों सहित सम्पूर्ण देश ही नहीं; अपितु पाकिस्तानमें इस वर्गपर अत्याचार हो रहा है; तथापि इनके हितैषी मुखमें दही जमाए बैठे हैं । इनके मतोंसे सांसद और मन्त्री बननेवाले भी मौन हैं । हिन्दुओ ! सबसे पहले हम हिन्दू हैं, सामान्य वर्ग या अनुसूचित वर्ग सब गौण विषय है । हिन्दुओंका कोई धर्मशास्त्र किसी भी जातिको श्रेष्ठ या निम्न नहीं बताता है । जिस मनुस्मृतिका विरोध आपसे करवाया जाता है, उसी मनुस्मृतिका कथन है ‘जन्मना जायते शूद्र: कर्मणा द्विज उच्यते’ अर्थात जन्मसे सभी शूद्र होते हैं और कर्मसे ही वे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र बनते हैं । जिस जातिके नामपर आज हिन्दुओंमें विभाजन किया जा रहा है वह इस संविधानकी देन है; क्योंकि संविधान ही कहता है कि ‘अमुक जातिका बेटा अमुक ही बनेगा’ अन्यथा हमारे शास्त्र तो कर्मोंके अनुसार वर्णका वर्गीकरण करते हैं; अतः धर्मसम्मत साधना करें, अपने हिन्दू होनेका बोध करें और शत्रुओंके षड्यन्त्रके भागी न बनें !
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‘सोशल मीडिया’में अधजले शवोंका एक ‘वीडियो वायरल’
बताया जा रहा था कि ये शव बंगालमें कोरोना संक्रमणसे मारे गए लोगोंके हैं; परन्तु कुछ लोग इसे असत्य बता रहे हैं । यदि यह मान भी लिया जाए कि यह दृश्यपट अर्थात वीडियो असत्य है तब भी इस तथ्यको स्वीकारना ही होगा कि न केवल बंगाल; अपितु महाराष्ट्र और देहलीमें कोरोना रोगियोंकी स्थिति अत्यन्त चिन्ताजनक है । देहलीमें शवोंको जलानेके लिए ५ दिनोंतक परिजनको प्रतीक्षा करनी पड रही है, वहीं महाराष्ट्रमें दिन प्रतिदिन कोरोना संक्रमणके प्रकरण बढते जा रहे हैं और राज्य शासन पूर्णरूपसे असहाय दृष्टिगत हो रहा है । पश्चिम बंगालमें भी कोरोनाके प्रकरण पंजीकृत नहीं किए जा रहे हैं और इन समाचारोंकी पुष्टि हो चुकी है । आश्चर्य है सम्पूर्ण भारतका जिनपर उत्तरदायित्व है, वे केन्द्रके शासक इन तथ्योंको उपेक्षितकर रहे हैं । भारत शासन तत्काल देहली महाराष्ट्र और पश्चिम बंगालके शासनको पदच्युतकर राष्ट्रपति शासन लगाए और यहांके नागरिकोंके प्राण बचाए, यह हम सबकी मांग है ।
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देहलीकी इन्द्रलोक पुलिस चौकीपर पथराव : गोलीचालनमें पुलिसकर्मी आहत, सादकीन, शाहरुख, आसकीन बन्दी बनाए गए
समाचारके अनुसार अखलाखके परिवादपर पुलिसकर्मी आरोपी सादकीन और उनके भाइयोंको पुलिस चौकी ले आए जहां इन सबका परस्पर विवाद बढने लगा । पुलिसका कहना है कि ये सभी पुलिस चौकीमें ही मारपीट करने लगे और रोकनेपर इन्होंने अपने समुदायके अन्य लोगोंको बुलाकर पुलिस चौकीपर ही आक्रमणकर दिया ।
परस्पर विवादमें भी जब यह पुलिस सुरक्षा केन्द्रपर आक्रमणकर सकते हैं तो यह विचार किया जाना चाहिए कि अन्य समुदायसे इनका विवाद होनेपर ये उस समुदायपर किस प्रकारका अत्याचार करते होंगे ? केन्द्रमें कथित हिन्दूवादी शासन है और कठोर गृहमन्त्री अमित शाह हैं; तथापि जिहादियोंका दुस्साहस इतना अधिक है कि वे केन्द्र शासनकी नाकके नीचे पुलिसपर आक्रमणकर सकते हैं तो शेष स्थानोंपर क्या करनेका मन्तव्य रखते होंगे ? इसपर हम सभीको विचार करना चाहिए !
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नेपालके नये मानचित्रका नेपाली सांसद सरिता गिरीने किया विरोध : भारतका पक्ष लेनेके कारण देश छोडनेकी मिली धमकी, घरपर आक्रमण
नेपाल शासनद्वारा प्रस्तावित नए मानचित्रका नेपाली सांसदने विरोध किया है । संविधानका भाग बनानेके लिए लाए गए संविधान संशोधन प्रस्तावपर जनता समाजवादी पार्टीकी सांसद सरिता गिरिने अपना निजी संशोधन प्रस्ताव लाते हुए, इस विवादित संविधान संशोधनको निरस्त करनेकी मांग की थी । वहीं, उनकी ‘पार्टी’ने उनको तुरन्त अपना यह संशोधन प्रस्ताव लौटा लेनेका कठोर निर्देश दिया; परन्तु सरिता गिरीने स्पष्ट कहा था कि चीनके संकेतपर नेपाल शासन मानचित्रमें परिवर्तन करना चाहता है । सरिता गिरिने ये भी कहा था कि नेपालकी जनता भी नहीं चाहती है कि मानचित्रको लेकर भारतके साथ कोई विवाद हो । उनका मत था कि नेपालका नया मानचित्र लानेसे पूर्व नेपालको भारतसे चर्चा करनी चाहिए थी ।
हम नेपालकी इन सांसद महोदयाका, इनके सत्य कहनेके साहसके लिए अभिनन्दन करते हैं । वैसे यह आश्चर्यकी बात है कि जो बात सांसद सरिता गिरीजीको समझमें आ रही है, वह नेपालके वामपन्थी शासकोंकी मोटी बुद्धिमें नहीं बैठ रही है । जब भारत नेपालके लोग बिना किसी अनुमतिके एक दूसरेकी सीमामें आते-जाते रहते हैं और इसके कारण सहस्रों वर्षोंमें कोई विवाद नहीं हुआ है तो नेपालको नया मानचित्र लानेकी क्या आवश्यकता है ? भारत और नेपालके लोग मिलकर नेपालके वामपन्थी शासकोंका विरोध करें ! यही भारत और नेपालके हितमें होगा ।
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इजरायलको ‘गाली’ और रोहिंग्याको ताली : दक्षिण अफ्रीकाके एक अभियानमें आनंद शर्माका सम्मिलित, भारतीय हितोंकी अनदेखी
दक्षिण अफ्रीकामें वहांके राष्ट्रपति रामाफोसाके नेतृत्वमें एक जातिवाद विरोधी (एंटी-रेसिज्म) अभियान आरम्भ किया गया । दक्षिण अफ्रीकाके सत्ताधारी दल अफ्रीकन नेशनल कॉंग्रेसने इस अभियानको एक आभासी चर्चाके (वर्चुअल टॉकके) माध्यमसे आरम्भ किया जिसमें ८ प्रतिभागी थे और उनमेंसे ७ दक्षिण अफ्रीकाके थे जबकि एक भारतसे और वो हैं आनंद शर्मा । कॉंग्रेसके जाने-माने नेता आनंद शर्मा । आनंद शर्माने चर्चामें भाग लेकर अनेक विवादित बातें कीं । अमेरिकामें हो रहे ‘दंगों’के बारेमें बोलते हुए उन्होंने इसे ‘कॉल ऑफ एक्शन’ कह दिया और साथ ही कहा कि ये समानताके अधिकारके लिए हो रहा है ।
दक्षिण अफ्रीकाके नेताओंकी तो अपनी विवशता है; क्योंकि वहां मुस्लिमोंकी जनसंख्या पाकिस्तानसे भी अधिक है और वो मतोंके लिए फिलिस्तीनका पक्ष लेकर इजरायलको भला-बुरा कहते रहते हैं । वहीं चीन और दक्षिण अफ्रीकाके सम्बन्ध प्रगाढ हैं; इसीलिए वहांके राष्ट्रपतिने रोहिंग्याकी बात तो की; परन्तु उइगर मुसलमानोंकी नहीं की और आनंद शर्माने उनका समर्थन किया ।
प्रश्न यह है कि भारतमें रोहिंग्या मुसलमानके समर्थक कॉंग्रेस और इसके नेता आनंद शर्मा दक्षिण अफ्रीकाके रोहिंग्या विरोधका समर्थन करते हैं; परन्तु भारतमें रोहिंग्याका समर्थन करते हैं, यह पाखण्ड भारतकी जनताको समझ लेना चाहिए और भारतको भविष्यमें सुरक्षित करनेके लिए आज ही इन दो प्रकारकी बातें करनेवालोंसे प्रश्न करना आरम्भ कर देना चाहिए !
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