उत्तिष्ठ कौन्तेय
रेहाना फातिमाने स्वयंके बच्चोंद्वारा अपने अर्धनग्न शरीरपर चित्रकारी कराते ‘वीडियो’ किया साझा, अभियोग प्रविष्ट
केरलके सबरीमला स्थित अयप्पा मन्दिरमें घुसनेका प्रयास करने और श्रद्धालुओंकी भावनाओंको भडकानेको लेकर विवादोंमें आई रेहाना फातिमापर राज्यकी तिरुवल्ला पुलिसने अभियोग प्रविष्ट किया है । समाचारके अनुसार रेहाना फातिमाने १९ जूनको सामाजिक जालस्थल ‘यूट्यूब’ व ‘फेसबुक’पर अपना एक ‘वीडियो’ साझा किया, जिसमें वह अपने पुत्र और पुत्रीसे स्वयंके अर्धनग्न शरीरपर चित्रकारी कराती दिखाई दी । इस विषयपर उनका कहना है कि वह महिला सशक्तीकरण दिखाने हेतु इस ‘वीडियो’के माध्यमसे महिलाओंको वासना तथा शरीरको लेकर अपनी भावनाओंको सुलभ रूपसे व्यक्त करने हेतु प्रेरित कर रही हैं । उनके इस ‘वीडियो’को देखनेके पश्चात लोगोंने अपना रोष व्यक्त किया व इसे बच्चोंके उत्पीडनका प्रकरण बताया । लोगोंने उनसे यह प्रश्न भी पूछा कि क्या एक पिताका अपनी पुत्रीके साथ ऐसा कृत्य करना उचित होगा ? वहीं तिरुवल्लामें केरल पुलिसद्वारा अधिवक्ता एवी अरुण प्रकाशजीके परिवादपर (शिकायतपर) रेहानाके विरोधमें अभियोग प्रविष्ट किया गया है । उनपर ‘जुवेनाइल जस्टिस एक्ट’ व ‘इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट’के अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट हुआ है ।
यह कैसी न्याय व्यवस्था है ?, जहां अपराधियोंको एकके पश्चात एक अपराध करनेपर भी कोई दण्ड नहीं दिया जाता और वह समाजमें धर्म विरोधी नीतियोंका निडरतासे प्रचार करते हैं । ये न केवल राष्ट्रमें अनुचित बातोंका प्रचार कर रही है, वरन अपने बच्चोंको भी दूषित कर रही है ! ऐसे लोग कठोर दण्डके पात्र हैं; परन्तु यह भी सत्य है कि ऐसे लोगोंको दण्ड केवल हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके पश्चात ही मिल पाएगा । (२५.०६.२०)
**********
अमेरिकामें प्रथम योग विश्वविद्यालयका उद्घाटन, डॉ. नागेन्द्र होंगे अध्यक्ष
अमेरिकाके लॉस एंजिलिस नगरमें योग विश्वविद्यालयकी स्थापना की गई है, जहांपर योगके वैज्ञानिक सिद्धान्तोंपर शोध किया जाएगा । विदेश राज्यमन्त्री मुरलीधरनने न्यूयॉर्कमें ‘विवेकानन्द योग विश्वविद्यालय’का उद्घाटन किया ।
स्वामी विवेकानन्द योग फाउंडेशनके कुलाधिपति एवं प्रख्यात योग गुरु डॉ. एचआर नागेन्द्र इसके प्रथम अध्यक्ष होंगे । मुरलीधरनने कहा, “भारतकी संस्कृति और धरोहरके प्रतीकके रूपमें योग विश्वमें एकताका प्रतीक है । इसकेद्वारा हम विश्व शान्तिका सन्देश दे सकते हैं ।” डॉ. नागेन्द्रने कहा कि स्वामी विवेकानन्दकी शिक्षाओंसे प्रेरित होकर, हमने योगको एक शैक्षणिक विस्तार देनेकी प्रक्रिया आरम्भ की है । न्यूयॉर्कमें स्थित भारतके महावाणिज्य दूत सन्दीप चक्रवर्तीने कहा कि कई वर्षों पूर्व स्वामी विवेकानन्दने इस नगरमें समय व्यतीत किया था और योगपर कई पुस्तकें लिखी थीं, जिसने इस भारतीय पद्धतिको पूरे विश्वमें लोकप्रिय बनाया; इसलिए न्यूयॉर्कका योगके साथ गहरा सम्बन्ध है ।
अमेरिकामें योग विश्वविद्यालय स्थापित करना एक बहुत ही शोभनीय कार्य है, जिसके लिए डॉ. नरेन्द्र सदृश धर्माभिमानी व्यक्ति प्रशंसाके पात्र हैं । इसी प्रकार समयके साथ सनातन धर्मकी पताका समूचे विश्वमें फहराएगी, जो विश्वको धर्म व शान्तिका मार्ग दिखाएगी ! (२५.०६.२०२०)
**********
ईसाई मिशनरियोंके विरोधमें बोलनेपर आन्ध्रप्रदेशके सांसदको उन्हींके दलके लोगोंसे सङ्कट
आन्ध्रप्रदेशमें धर्मान्तरणमें लिप्त ईसाई मिशनरियोंका रहस्य उजागर करनेवाले सांसदने अपने ही दलसे स्वयंके जीवनको सङ्कट बताया है । सत्ताधारी दलके सांसद रघुराम कृष्णम राजू कुछ दिनोंसे राज्य शासनकी आलोचना कर रहे हैं । वे जगन रेड्डी शासनपर ईसाई तुष्टीकरणके आरोप लगाते रहे हैं । जब ‘तिरुपति तिरुमला देवस्थानम बोर्ड’ने मन्दिर की सम्पत्तिको सघोष विक्रय (नीलाम) करनेका निर्णय लिया था, तब उन्होंने हिन्दू समाजकी भावनाओंको देखते हुए इसके विरोधमें स्वर मुखर किए थे । ‘हाउस-साइट डिस्ट्रीब्यूशन’ और बालू विक्रय करनेमें भ्रष्टाचारको लेकर इन्होंने मन्दिर प्रशासनपर भी प्रश्न किए, जिसके पश्चात उनकी अपने ही दलके विधायकोंके साथ कहासुनी भी हुई थी । स्थानीय पुलिसने आरोपियोंके विरोधमें कोई प्रतिक्रिया नहीं की; इसलिए उन्हें लोकसभाध्यक्षसे सुरक्षाकी प्रार्थना की ।
इस प्रकरणसे स्पष्ट होता है कि ईसाई मिशनरीका सत्तामें इतना हस्तक्षेप है कि सत्तादलके सांसदको भी इनके विरुद्ध बोलनेपर जीवनपर सङ्कट आता है तो साधारण नागरिक क्या बोल पाएंगे ?; इसलिए हिन्दुओ, एक होकर हिन्दूद्रोहियोंको सत्ताहीन करें ! (२५.०६.२०२०)
**********
देहली विश्वविद्यालयके प्रधानाचार्य मसरूर अहमद बेगपर लगा साहित्यिक चोरीका आरोप
‘डीयू’के प्रधानाचार्य मसरूर अहमद बेगपर साहित्यिक चोरीका आरोप लगा है । उन्होंने पदोन्नतिके लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्रीका कार्य चुराया । भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक कांग्रेस और देहली विश्वविद्यालय अकादमिक परिषदके सदस्योंने ‘यूजीसी’को एक परिवाद भेजा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मसरूर अहमद बेगने महाविद्यालयके प्रधानाचार्यके रूपमें पदोन्नत होनेके लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और ‘यूजीसी’के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव थोराटके कार्य और अध्ययनोंको चोरी किया था ।
जिहादी पढ-लिखकर आतङकी बन रहे हैं और जो नहीं बनते, वे षडयन्त्र करते हैं अर्थात ये किसी भी योग्य नहीं हैं, मसरूर अहमद अपने कृत्योंसे इसे स्पष्ट कर रहे हैं !
**********
नेपालके कोडारी क्षेत्रपर किया चीनने अधिकार, निवासियोंने किया पलायन
चीनने नेपालके एक और क्षेत्र ‘कोडारी’को भी अपने नियन्त्रणमें ले लिया है । इससे पूर्व वहांके एक गांव ‘रुई’को अपने अधिकारमें कर लिया था । नेपालके कई गांवोंके निवासियोंको चीनियोंने मार-मारकर भगा दिया है । चीनने नेपालके इस भागको तिब्बतका क्षेत्र बताकर अधिग्रहित कर लिया है । चीनने लगभग ३६ ‘हेक्टेयर’ भूमिको अधिग्रहित कर लिया है । वहांके निवासी, चीनियोंद्वारा पिटनेके कारण अपने गांवोंसे पलायन कर रहे हैं । इस आक्रमणकी जानकारी होते हुए भी नेपालका वामपन्थी शासन मौन साधकर बैठा हुआ है और वह चीनकी सहायता ही कर रहा है ।
भारतसे सम्बन्ध विच्छेदके पश्चात चीनने अपने कुकृत्य दिखाने आरम्भ कर दिए हैं । वामपन्थी सदा देशको नष्ट करनेवाले होते हैं, यह नेपालके शासनको नहीं वरन जनताको अब अच्छी प्रकारसे समझ लेना चाहिए और वामपन्थियोंके विरुद्ध मुखर होकर बोलना चाहिए ! (२५.०६.२०२०)
**********
राजस्थानमें ‘अन्नपूर्णा योजना’ हुई अब ‘इंदिरा रसोई’
राजस्थानकी पूर्व मुख्यमन्त्री वसुन्धरा राजेके कार्यकालमें आरम्भ की गई योजनाओंको इंदिरा गांधी और कांग्रेसके वर्तमान अन्तरिम अध्यक्ष सोनिया गांधीके पति राजीव गांधीके नामपर कर दिया है । उन्होंने भाजपा शासनकी योजनाओंका ही नामकरणकर उन्हें ‘गांधी परिवार’के नाम कर दिया है । अशोक गहलोतने नगरीय क्षेत्रोंमें ‘इंदिरा रसोई योजना’ आरम्भ करनेकी घोषणा की है; परन्तु वास्तविकता यह है कि अशोक गहलोतने ‘अन्नपूर्णा योजना’का ही नाम परिवर्तितकर ‘इंदिरा रसोई योजना’ कर दिया है ।
भाजपा नेता वसुंधरा राजेने भी ‘ट्वीट’ करते हुए लिखा है, “नाम परिवर्तितकर ही सही, जनताकी मांगपर हमारी ‘अन्नपूर्णा रसोई योजना’को आरम्भ करना ही पडा ।”
इसी प्रकार अशोक गहलोतने ‘मुख्यमन्त्री जल स्वावलम्बन योजना’का नाम परिवर्तितकर ‘राजीव गांधी जल स्वावलम्बन योजना’ कर दिया है ।
मुख्यमन्त्रीका कार्य राज्यकी उन्नतिपर होना चाहिए; परन्तु कांग्रेसकी ऐसी वृत्ति देखी गई है कि उनके विचार गांधी परिवारसे ऊपर ही नहीं उठ पाते हैं तो ये जनताका विचार कैसे करेंगे ? राजस्थानकी जनता अगली बार मतदान करते समय इसे अवश्य ध्यान रखे !
**********
मुरादाबादमें जमालने धर्म छुपाकर फेसबुकपर युवतीसे मित्रताकर किया दुष्कर्म
मुरादाबाद पुलिसने उत्तराखण्डकी युवतीसे अपना धर्म छुपाकर उससे ‘फेसबुक’पर मित्रताकर विवाहका झांसा देकर दुष्कर्म करने और मारनेकी धमकी देनेके आरोपमें जमालको बन्दी बनाया है । उत्तराखण्डके उत्तरकाशीकी रहनेवाली युवतीने आरोपीके विरुद्ध जनवरीमें महिला थानेमें परिवाद प्रविष्ट कराया था । तबसे ही पुलिस आरोपीको ढूंढ रही थी । दिसम्बर २०१९ में आरोपी जमालने विवाहका आश्वासन देकर उसे मुरादाबाद बुलाया एवं एक विश्रामालयमें ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, उसका अश्लील वीडियो भी बनया और उसे ‘सोशल मीडिया’पर सार्वजनिक करनेकी धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म किया । जब युवतीने उसके परिजनसे कहा तो जिहादीने उन्हें मारने की धमकी दी ।
इससे यह स्पष्ट होता है कि धर्मान्धोंका केवल एक ही ध्येय है कि हिन्दू युवतियोंका किसी प्रकारसे जिहादकेद्वारा जीवन नष्ट किया जाए । अब हिन्दुओंको अपने बालकोंको संस्कारित करना ही होगा, जिससे वे इस भ्रामक प्रेम व जिहादीके जालसे बचें । (२४.०६.२०)
**********
१९४७ के उपरान्त पाकिस्तानकी राजधानी इस्लामाबादमें बनेगा पहला कृष्ण मन्दिर
पाकिस्तानकी राजधानी इस्लामाबादमें हिन्दुओंके लिए पहला मन्दिर वबनने जा रहा हैब। इसकी आधारशिला मंगलवार को रख दी गई । इस मन्दिरको इस्लामाबादमें २० सहस्र वर्गफुट क्षेत्रमें बनाया जाएगा । इसका नाम श्रीकृष्ण मन्दिर होगा । इसे बनानेमें १० करोड रुपयों का व्यय होगा, जो इमरान शासन वहन करेगा ।
स्थानीय नागरिक लालचंद मल्हीने मन्दिरकी आधारशिला रखते हुए इस्लामाबादमें श्मशान घाटकी भी मांग की ।
मल्हीने कहा कि १९४७ से पहले इस्लामाबादमें कई मन्दिर थे जो नष्ट कर दिए गए ।
ज्ञातव्य है कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकोंके लिए नरक बन चुका है और यहां नित्य हिन्दू समुदायकी बच्चियोंका अपहरण करके उन्हें मुसलमान बना दिया जाता है ।
पाकिस्तानका शासन वस्तुतः जिहादियोंके नियन्त्रणमें है और ये जिहादी सहस्रों वर्षोंसे हमारे देवालयों व ईश्वरके विग्रहको तोडने जैसा घृणित कार्य कर रहे हैं । उनकेद्वारा मन्दिर बनाना मात्र अपनी छविको विश्वके सम्मुख अच्छा प्रस्तुत करनेका कपट मात्र है और इस कपटसे हिन्दुओंको सावधान रहनेकी आवश्यकता है ।
(२५.०६.२०२०)
**********
चीन और कांग्रेसके मध्य गोपनीय सन्धि : राजीव गांधी फाउंडेशनमें दानका रहस्योद्घाटन
पूर्वी लद्दाख क्षेत्र स्थित गलवान घाटीमें भारतीय सैनिकों और चीनकी सेनाके मध्य जारी गतिरोधके मध्य चीनकी कम्युनिस्ट पार्टीद्वारा कांग्रेसके साथ गुप्त रीतिसे किए गए ‘MOU’के सामने आनेसे यह रहस्य प्रकट हो गया है कि राजीव गांधी फाउंडेशनको चीनकी कम्युनिस्ट पार्टीने समय-समयपर बहुत बडी मात्रामें ‘वित्तीय सहायता’ दी थी और यह वित्तीय सहायता प्रायः तीन लाख अमेरिकी डॉलरके (तत्कालीन १५ करोड रुपयेके) आसपास है ।
यह सन्धि चीनके साथ कटु सम्बन्ध होनेके उपरान्त भी कांग्रेसने गठबन्धन शासनमें रहनेके मध्य की थी और देशसे इस सन्धिको छुपाया गया ।
२००८ में बीजिंगमें हुई इस सन्धिके अन्तर्गत निश्चित हुआ है कि दोनों पक्ष क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और अन्तरराष्ट्रीय विषयोंपर एक दूसरेसे बात करेंगे ।
ज्ञातव्य है कि इस सन्धिके उपरान्त जिस संस्था, राजीव गांधी फाउंडेशनको दान मिला है इसकी अध्यक्ष कांग्रेसकी अन्तरिम अध्यक्ष स्वयं सोनिया गांधी ही हैं ।
यह भी उल्लेखनीय है कि यह सब ‘डोकलाम विवाद’के मध्य घटित हो रहा था अर्थात एक ओर जहां सीमापर भारतीय सेना और चीनकी सेना आमने-सामने थीं, तब राहुल गांधी चीनके शासनके साथ भोजन करते हुए गुप्त सन्धिपर हस्ताक्षर कर रहे थे; जबकि आजके समयपर वो गलवान घाटीमें चल रहे घटनाक्रमपर यह प्रमाणित करनेका प्रयास कर रहे हैं कि चीनने भारतकी भूमि छीन ली है और भारत शासनने यह भूमि चीनको दे दी है ।
२००८ की यह दुरभिसन्धि इतनी गुप्त थी कि इसके सम्बन्धमें कांग्रेसकी कार्यसमितितकको सूचना नहीं दी गई ।
अब प्रश्न उठता है कि किस अधिकारसे कांग्रेसने यह सन्धिकी और दान लिया । वस्तुतः यह दान नहीं; अपितु देशके विक्रयका मूल्य है । सम्प्रति इस प्रकरणपर देशमें चर्चा हो रही है; किन्तु प्रश्नोंके उत्तर कांग्रेसकी ओरसे नहीं दिए जा रहे हैं, यह संकेत है कि इसमें कुछ न कुछ अनिष्ट अवश्य है । भारत शासन इस प्रकरणकी जांच उच्च स्तरीय समितिसे कराए और दोषियोंको शीघ्र अतिशीघ्र दण्डित करे !
हिन्दुओ ! कांग्रेसने कभी राममन्दिर आन्दोलनका समर्थन नहीं किया । इसी कांग्रेसने कश्मीरसे धारा ३७० हटानेका विरोध किया और कभी भी मुसलमानी आतंकी संगठनोंकी निन्दा अथवा आलोचना नहीं की । क्या अब भी आपको लगता है कि कांग्रेस जैसा राजनीतिक पक्ष अब भी देशहितमें कार्य करेगा ? कांग्रेस हो या अन्य कोई दल, जो भी भारतके विरुद्ध कार्य करे, उसपर तत्काल प्रतिबन्ध लगना चाहिए और हम भी अपने स्वर इनके विरोधमें उठाएं ! (२६.०६.२०२०)
Leave a Reply