उत्तिष्ठ कौन्तेय


पाकिस्तानके प्रधानमन्त्रीने प्रधानमन्त्री मोदीको बताया मनोरोगी व मुसलमानोंपर अत्याचार करनेवाला
  इमरान खानने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीके विरुद्ध विषवमन करते हुए उन्हें हिटलरके समान बताया । इमरानने कहा कि जिस प्रकार हिटलरकी ‘नाजी पार्टी’ने यहूदियोंकी हत्या की थी, उसी प्रकार मोदीजी मुसलमानोंकी हत्याएं कर रहे हैं । मुजफ्फराबादके एक कार्यक्रममें २६ जूनको बोलते हुए इमरानने ये आरोप लगाए । इमरानने कहा कि मोदीने ‘पैलेट गन’ चलवाकर उन्होंने अनेक बालकोंके नेत्र क्षतिग्रस्त किए तथा सहस्रों मुसलमानोंको बन्दी बनाया ।
  पाकिस्तानमें हिन्दुओंपर नित्य अत्याचार होते रहते हैं, आए दिन हिन्दू बालिकाओंसे दुष्कर्म होते हैं । ऐसेमें इमरान खान स्वयंके देशमें हिन्दुओंपर नित्य होनेवाले अत्याचारोंपर मौन रहते हुए भारतपर अनर्गल बोल रहे हैं, यह उनके पदके अनुरूप तो लज्जाजनक है; परन्तु पाकिस्तानके प्रधानमन्त्रीकी वृत्तिके अनुरूप ही है, जो अब सभी देश जानते हैं; अतः ये अपना ही अपमान करवा रहे हैं !
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पाकिस्तानमें एक और अवयस्क हिन्दू युवतीको बलपूर्वक बनाया गया मुसलमान
  पाकिस्तानके सिन्ध प्रान्तमें अवयस्क युवती रेशमाका अपहरण किया गया है । युवतीके न मिलनेपर उसके परिजनने जकोबाबादके पुलिस स्थानकपर (स्टेशनपर) परिवाद प्रविष्ट कराया । इसी मध्य युवतीका विवाह एक मुसलमानके साथ कर दिया गया । उससे बलात कहलवाया गया कि वह बीस वर्षीय है और वह अपनी इच्छासे विवाह कर रही है, जबकि वह १७ वर्षकी है और उसे भय दिखाकर, उससे विवरण परिवर्तित करवाकर कहलवाया गया है । यह युवती सिन्ध प्रान्तके गढी सभ्यो क्षेत्रके बागरी समुदायसे है । हिन्दुओंके सङ्गठनोंने वहां भारी प्रदर्शन भी किया है । इससे पूर्व भी महक नामक युवतीका विवाह भी बलपूर्वक मुसलमानसे किया गया था ।
 मानवताका ढोंग करनेवाले पाकिस्तानमें हिन्दुओंकी सुरक्षा है ही नहीं, उनके लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तरपर भी कोई बोलनेवाला है ही नहीं, ऐसेमें पाकिस्तानका अन्त ही इसका एकमात्र समाधान है । (२८.०६.२०२०)
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जम्मू-कश्मीर शासनकी राष्ट्रद्रोही नीति; आतङ्कियोंकी सन्तानोंको छात्रवृत्ति प्रदान करनेका चल रहा विचार
  जम्मू-कश्मीर शासनकी एक विवादास्पद नीति सभीके समक्ष प्रस्तुत हुई है, जिसमें शासनद्वारा मारे गए आतङ्कियोंकी सन्तानोंको छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु ‘ऑनलाइन’ प्रक्रिया आरम्भ करनेका विचार है । इस नीतिके विषयमें तब ज्ञात हुआ, जब शासनद्वारा २७ प्रकारकी सुविधाओंको देनेवाला विज्ञापन साझा किया गया, जिसमें लोगोंके अनुकूल प्रशासन और सुशासन सुनिश्चित करनेमें उनकी उपलब्धियोंको दर्शाया गया था । इस विज्ञापनमें एक अभिप्राय स्पष्ट करता है कि सामाजिक कल्याण विभागद्वारा मारे गए आतङ्कियोंकी अनाथ सन्तानोंको छात्रवृत्ति प्रदान करनेके लिए प्रशासन प्रयासरत है । इस सूचनाके प्रसारित होनेके पश्चात लोगोंने विरोध करना आरम्भ कर दिया है । सेनाके एक अधिकारीने अपना विचार साझा करते हुए सूचनामें आतङ्की शब्दके स्थानपर ‘मिलिटेंट’ शब्दका प्रयोग करना अनुचित बताया तथा कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतङ्कवादके विरोधमें लडते हुए अपने प्राणोंका बलिदान करनेवाले सैनिकोंका यह अपमान है, इस प्रकारके प्रयास राष्ट्रविरोधी तत्त्वोंको पोषण प्रदान करेंगे । वहीं हुतात्मा हुए पुलिस उपाधीक्षक गुलबदन सिंहकी पत्नी सुषमा चिबने इसे आतङ्की समर्थक नीति घोषित किया और कहा कि यह नीति हमारे घावपर लवण (नमक) छिडकनेके समान है । अनेक प्रदर्शनकारियोंने अपना विचार साझा करते हुए कहा कि ‘खूनकी होली’ खेलनेवाले आतङ्कियोंको शासन सम्मान दे रहा है और वही तिरङ्गा पकडकर चलनेवाले लोगोंके बच्चे ‘बेरोजगार’ घूम रहे हैं । सामाजिक कार्यकर्ता नवनीत कौरने भी इस नीतिका विरोध करते हुए इसे त्वरित समाप्त करनेका आग्रह किया है ।
  ‘आतङ्की भटके हुए हैं’, यह सब तो हम सत्ताके लोभी शासकगणसे सुनते आए हैं; परन्तु ज्ञात हो रहा है कि आतङ्की ‘हुतात्मा’ भी हैं और उनके परिवारका पोषण मतिभ्रष्ट शासकगणका धर्म है और वे ही बच्चे बडे होकर नूतन आतङ्की बनेंगे ! इससे ज्ञात होता है कि अब यह व्यवस्था हिन्दुओंकी रक्षा नहीं कर सकती है । (२८.०६.२०)
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मध्य प्रदेशमें गोरक्षा जनपद प्रमुख और ‘विहिप’ नेता रवि विश्वकर्माकी गोली मारकर हत्या
  मध्य प्रदेशके होशंगाबाद जनपदके पिपरियामें शुक्रवार सन्ध्याको विश्व हिन्दू परिषदके नेता रवि विश्वकर्माकी गोली मारकर हत्या कर दी गई । ३९ वर्षीय रवि गोरक्षा जनपद प्रमुख भी थे । ‘विहिप’की बैठकसे जब रवि विश्वकर्मा वाहनसे अपने मित्र बजरंग दलके प्रान्त सह सङ्गठन मन्त्री राजकुमार सिंह और सुरेश पटेलके साथ अपने निवास स्थान लौट रहे थे तो पिपरिया नगरके सबसे व्यस्ततम ‘अंडर ब्रिज’के समीप पहलेसे घात लगाकर बैठे ६-७ लोगोंने उनके वाहनको रोककर उनपर लाठी इत्यादिसे आक्रमण किया तथा चोटिल अवस्थामें वाहनसे खींचकर सिरपर गोली मारकर हत्या कर दी ! इस आक्रमणका ‘वीडियो’ भी सामने आ चुका है । पुलिसद्वारा जांच की जा रही है । रवि विश्वर्माको पहलेसे ही अपने ऊपर होनेवाले आक्रमणकी जानकारी थी, इसीलिए उन्होंने शुक्रवार दोपहरको ही होशंगाबाद पुलिस ‘स्टेशन’में ‘एएसपी’ एपी सिंहको एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने प्रभावशाली लोगोंद्वारा उनके मित्र राकेश रघुवंशीको झूठे आरोपमें फसाने एवं अपने प्राणोंपर सङ्कट होनेका उल्लेख किया था ।
  इससे स्पष्ट है कि शासन किसीका भी हो, हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता ऐसे ही प्राण खोते रहेंगे और शासन मूकदर्शक बनकर बैठा रहेगा ! हिन्दुओ, अब स्वयंकी रक्षा हेतु स्वयंसिद्ध हों !
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 समाचार विभाग ‘प्रेस ट्रस्ट आॅफ इंडिया’के द्वारा (पीटीआईके) चीनको ‘मंच’ देनेपर प्रसार भारती क्रोधित
 ‘पीटीआई’की देश विरोधी पत्रकारिता प्रसार भारतीको अच्छी नहीं लगी । इन्होंने भारत-चीनके तनावके मध्य बीजिंगको अपने ‘प्रोपेगेंडा’का प्रचार करनेके लिए ‘मंच’ उपलब्ध करवाया था । ‘पीटीआई’को विभिन्न शुल्कके रूपमें प्रसार भारतीसे करोडों रुपए दशकोंसे प्राप्त हो रहे हैं । सूत्रोंके अनुसार ‘पीटीआई’को प्रसार भारतीसे प्रतिवर्ष ९ कोटि रुपए प्राप्त होते हैं । इसके अतिरिक्त ‘प्रेस इन्फाॅर्मेशन ब्यूरो’से (पीबीआई) भी ‘पीटीआई’को भारी धन मिलता है । अब चीनके पक्षमें की गई पत्रकारिताके पश्चात समीक्षा प्रक्रिया आरम्भ कर दी है ।
  उल्लेखनीय है कि ‘पीटीआई’ने देहलीमें चीनके राजदूत सुन वेडोंगके साक्षात्कारमें भारत विरोधी बातें करके चीनके पक्षको आगे बढाया तथा ‘पीटीआई’ने भारतका पक्ष रखते हुए कोई प्रश्न नहीं पूछा ।
  अच्छी बात है कि धीरे-धीरे राष्ट्रविरोधी बहुरुपियोंका वास्तविक रूप उजागर हो रहा है । अबभारत शासन इन्हें कठोरसे कठोर दण्ड दे, तभी ऐसे राष्ट्रद्रोहियोंपर रोक लगेगी; अन्यथा धन तो इन्हें विदेशोंसे भी मिल ही जाएगा; अतः राष्ट्रद्रोही पत्रकारितापर रोक लगाना आवश्यक हो गया है ।
(२८.०६.२०२०)
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‘नमामि गंगे’के लिए विश्व बैंकने स्वीकृत किए ४५ अरब रुपए
  ‘विश्व बैंक’ने ‘नमामि गंगे’ योजनाके लिए लगभग ४५.३७ अरब रुपएको (६० कोटि डॉलर) स्वीकृति दी है । इसका प्रयोग ‘नैशनल गंगा रिवर बेसिन प्रोजेक्ट’के अन्तर्गत गंगा नदीसे जुडी यमुना और काली नदी सदृश सहायक नदियोंमें प्रदूषण रोकनेवाली ढांचागत परियोजनाओंके विकासमें किया जाएगा । ४५ अरबका यह ऋण ५ वर्षोंके लिए दिया गया है, जिसमेंसे ११.३४ अरब रुपए मेरठ, आगरा और सहारनपुरमें गंगाकी सहायक नदियोंपर तीन नूतन ‘हाइब्रिड एन्युटी परियोजना’ बनानेमें किया जाएगा ।
  सर्वप्रथम देवनदी गंगाजीको स्वच्छ करनेका कार्य राजीव गांधीके शासनमें हुआ था; परन्तु तबसे लेकर आजतक जो कार्य शासन नहीं कर पाया, वह कार्य ‘कोरोना’ कालमें हुई बन्दीने कर दिया था । क्या किसीको लगता है कि जो कार्य शासन सहस्रों कोटि रूपए व्यय करके नहीं कर पाया, क्या वह कार्य विश्व बैंकद्वारा दिए गए ४५.३७ अरब रूपएके अनावश्यक ऋणसे हो पाएगा ? जो कार्य हम स्वयं कर सकते हैं, उसके लिए देशपर इतना भार क्यों डाला जाए ?, जबकि विश्व बैंक कुछ भी निशुल्क नहीं देता है, यह हम जानते ही हैं ! इसीसे शासकगणकी विवेकहीनता दिखाई देती है !
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नागपुरकी कुछ लडकियां अगले माह मुस्लिमोंसे ‘निकाह’ करनेवाली हैं । यदि आपमेंसे कोई इनके माता-पितातक सूचना पहुंचाकर अपना सामाजिक कर्तव्य निभाना चाहते हैं तो प्रयास कर सकते हैं । उन लडकियों और उनसे विवाहके इच्छुक लडकोंके नाम आगे दिए हैं । पल्लवी धौरावजी राऊत- शाहिद रमजान शेख १२ जुलाई पश्चात, आकांक्षा अनुरोध सिंह ठाकुर-मोहम्मद शेख मोहम्मद फैसल पठान १९ जुलाई पश्चात, अनामिका राजेश पटेल-अफरोज खान लतीफ खान १८ जुलाई पश्चात, स्नेहारानी सुधीर देवलकर-मोहम्मद शारिब मोहम्मद शमशाद १५ जुलाई पश्चात, ऐश्वर्या विक्रम बूटी-सलमान अनवर दाऊदके साथ २६ जूनके उपरान्त निकाह करनेकी वैध समय सीमा पार कर चुकी हैं; किन्तु इनका निकाह हुआ या नहीं, यह ज्ञात नहीं है । वहीं अंशु महेंद्र झा-शिराज हुसैन अंसारी २३ जुलाई पश्चात और अंकिता तुलसीदास भंडारकर-शेख तौसिफ शेख मतीन शेख ११ जुलाई पश्चात, आपत्ति प्रविष्ट करनेकी शासकीय अधिसूचनाकी समय सीमा पार कर लेंगे और तब इस कुकृत्यको रोकना कठिन होगा ।
हिन्दुओ ! भारतका संविधान यदि किसीको स्वतन्त्र रूपसे विवाहकी अनुमति और स्वतन्त्रता देता है तो सामान्य नागरिकोंको भी अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता देता है । इसी अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताके अधिकारका उपयोग कर इन लडकियोंको समझाकर इनका जीवन नरक बननेसे आप बचा सकते हैं । प्रस्तुत ‘लिंक’में सभीके नाम और पते दिए हैं, ये सभी प्रकरण महाराष्ट्रके नागपुर जनपद हैं । ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’में जो एक माहकी पूर्वसूचना दी जाती है, वह आप इस ‘लिंक’में देख सकते हैं ।
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अल्पसंख्यक मतदाताओंको लुभानेमें जुटा ममता बनर्जीका शासन
 समाचारके अनुसार आगामी विधानसभा चुनावको देखते हुए ममता बनर्जीने अपनी पूर्वसिद्धता प्रारम्भ कर दी है और इसके अनुसार उसने ६२० जनकल्याणकारी शासकीय योजनाएं प्रारम्भ की हैं, जिनमेंसे ६०० योजनाओंका लाभ केवल मुस्लिम समुदायको मिलनेवाला है; क्योंकि यह मात्र और मात्र मुस्लिम क्षेत्रोंमें ही लागू की जाएंगी !
यह सर्वविदित है कि पश्चिम बंगालमें कहनेको ममता बनर्जीका शासन है; परन्तु वह केवल जन्महिन्दू है और उसके कृत्य १००% जिहादियों जैसे हैं । हिन्दुओ ! अपना अस्तित्व बचाना है तो इन जिहादियोंसे सावधान रहना और इन्हें सत्ताच्युत करना आवश्यक है अन्यथा दुष्परिणाम भोगने के लिए सिद्ध रहें !


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