आज जहां उपासनाका आश्रम है, वहां आस-पास ९५% लोग कृषक हैं; किन्तु वे सब जैविक खेतीको त्याग चुके हैं ! अज्ञानतावश वे सभी रासायनिक खेती करते हैं, रासायनिक कीटनाशकका प्रयोग करते हैं एवं उनके घरमें जो गायें हैं, वे भी अधिकतर विदेशी प्रजातिकी हैं ! मात्र सात दशकोंमें, इस देशके शासकोंकी निकृष्ट नीतियोंने कृषकोंको उनकी पुरातन कृषि पद्धतीसे दूर कर दिया ! हिन्दू राष्ट्रमें सभी क्षेत्रोंमें परिवर्तन लाने होंगे ! कल जब मैंने छाछसे कीटनाशक बनवाकर खेतमें डलवाया तो श्रमिक कृषक उसे देखकर अद्भुत आश्चर्य कर रहे थे ! – (पू.) तनुजा ठाकुर
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