घरका वैद्य – प्राणायाम चिकित्सा – शीतली प्राणायाम (भाग-२)
शीतली प्राणायामसे होनेवाले लाभ :
‘गर्मी’में लाभदायक : जब इस प्राणायामका अभ्यास किया जाता है तो यह हमारे शरीरसे उष्ण (गर्म) वायुको निकालकर उसमें शीतल वायुका प्रवेश कराता है, जिससे हमारे शरीरसे उष्णता बाहर निकल जाती है और पूरा शरीर ठण्डा हो जाता है ।
पाचन क्रियामें लाभदायक : इस प्राणायामके अभ्याससे पाचन क्रियाको ठीक रखनेमें सहायता मिलती है । यदि हमारी पाचन क्रिया ठीक है तो पेट सम्बन्धी सभी रोगोंसे छुटकारा पाया जा सकता है; क्योंकि हमारे अधिकतर रोग पेटसे ही उत्पन्न होते हैं और इस प्रकार हम रोगोंसे बच सकते हैं ।
हृदय रोगोंमें लाभदायक : इस प्राणायामके अभ्याससे हम हृदयके अधिकतर सभी रोगोंको नष्टकर सकते हैं; क्योंकि हृदयसे भी हमारे बहुतसे रोग उत्पन्न होते हैं, जैसे हृदयाघात (‘हार्ट अटैक’), नाडीमें अवरोध (‘ब्लॉकेज’) इत्यादि । यदि हमारा हृदय स्वस्थ्य है तो हम इन रोगोंसे छुटकारा पा सकते हैं ।
रक्तचापको (ब्लड प्रेशरको) न्यून करे : यदि आपका रक्तचाप बढा हुआ है तो आप शीतली प्राणायामका अभ्यास करके उच्च रक्तचापको (हाई ब्लड प्रेशरको) न्यून कर सकते हैं । यदि आपका रक्तचाप (‘बी.पी.’) निम्न (कम) है तो आप इस प्राणायामका अभ्यास न करें; क्योंकि ये बढे हुए ‘बी.पी.’को कम करता है ।
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