०१ दिसंबर, २०२०
कानपुरके काकादेवमें एक ‘लव जिहादी’पर अल्पवयस्क लडकीको फंसानेका आरोप लगा है; किन्तु पुलिस अभीतक उसे नहीं ढूंढ पाई है । जिहादी गोलू खानने अपना नाम ‘राजू’ परिवर्तितकर लडकीको अपने प्रेमजालमें फंसाया, तत्पश्चात उसे इस्लाम अपनानेके लिए बाध्य किया । वह कई दिवसतक हाथपर कलावा बांधकर और तिलक लगाकर उस लडकीके सङ्ग मन्दिर भी जाता रहा । वासनात्मक प्रवृतिके कारण उसने लडकीसे बलपूर्वक दुष्कर्म करनेका प्रयास किया । लडकीके मना करनेपर उसने ‘निकाह’ करनेके लिए कहा । ‘निकाह’ शब्द सुननेपर लडकीने पूछा कि ऐसा क्यों ?, तो गोलू खानने बताया कि वह मुसलमान है । उसे धर्म परिवर्तन करना पडेगा । धर्म परिवर्तनसे मना करनेपर, उसने लडकीके कुछ अश्लील चित्र अपने मित्र सनीको दे दिए । दोनोंने लडकीसे दुष्कर्म करनेका प्रयास भी किया, उसे मद्यसे भी नहलाया गया । धर्म परिवर्तन नहीं करानेपर, उसे उसके घरसे उठा लानेकी धमकी दी गई । ऐसे अत्याचारोंसे कुण्ठित होकर लडकीने थानेमें परिवाद लिखवाया कि वह, यह नहीं समझ पाई कि लडका मुसलमान है । उसने विश्वासघात किया है । लडकीने कहा कि उत्तर प्रदेशमें योगी शासनद्वारा बनाए गए, लव जिहादके विरुद्ध अधिनियमोंपर उसे विश्वास है कि अपराधीको दण्ड अवश्य मिलेगा । आरम्भमें पुलिसने इसे गम्भीरतासे नहीं लिया; किन्तु ‘एसएसपी’के आदेशपर एक माह पश्चात यह प्रकरण आरम्भ हुआ । अब अपराधियोंको ढूंढा जा रहा है ।
पूर्वके समान अब भी जिहादी अपना नाम परिवर्तितकर कलावा, तिलक धारणकर अनभिज्ञ हिन्दू लडकियोंको धोखा देना ही अपना धर्म समझते हैं । नूतन नियमोंके अनुसार, इन्हें कारावास मिलेगा; परन्तु इन्हें केवल मृत्युदण्ड ही दिया जाना उचित है । इसके साथ-साथ हिन्दुओंको भी धर्मशिक्षण आरम्भकर अपने वंशजोंको ठीक मार्गपर लानेका प्रयास करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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