०७ दिसम्बर, २०२०
तमिलनाडुमें ‘डीएमके’ व विदुथालाई चिरूथैगल कच्चीके (वीसीके) कार्यकर्ताओंने ‘आईएमके’ व हिन्दुत्ववादी नेता इंदु मक्कल काचीका घेराव करते हुए उन्हें डॉ. भीमराव अम्बेडकरको श्रद्धाञ्जलि देने से बाधित किया । ‘कम्यूनमेग’के प्रतिवेदनके अनुसार, ‘आईएमके’ प्रमुख अर्जुन सम्पत भीमराव अम्बेडकरकी पुण्यतिथिपर उन्हें श्रद्धाञ्जलि देने चेन्नईके राजा अन्नामलाई पुरम स्मारक पहुंचे, जहां इन कार्यकर्ताओंने उन्हें परिसरमें प्रवेश करनेसे रोक दिया । इतना ही नहीं, वरन हिन्दू धर्म विरोधी वक्तव्य देते हुए कार्यकर्ताओंने ‘सनातन धर्मको उखाड फेकेंगे और भगवाको भी मिटा देंगे’, जैसे हिन्दू धर्म विरोधी घोष किए ! वही ‘वीसीके’के ध्वज लिए मुसलमान समुदायके दो सदस्योंने अर्जुन सम्पतका भगवा शॉल खींचनेका भी प्रयास किया । उन्होंने ‘भारत माताकी जय’के उद्घोष करनेपर भी आपत्ति प्रकट की । वामपन्थी सङ्गठनोंके लोगोंद्वारा किए गए ऐसे वर्तनपर अर्जुन सम्पतने कहा कि उनके साथ एक प्रकारसे यह अछूतों जैसा व्यवहार किया गया है, जिसके लिए इन दलोंको लज्जा अनुभव होनी चाहिए । वामपन्थी राजनीतिक दल व ‘वीसीके’ दलके प्रमुख थोल थिरुमावलावनको हिन्दुओं व विशेषकर उच्च जाति समुदायके लोगोंसे अत्यधिक घृणा है । इन्होंने सदैव हिन्दू सङ्गठनोंपर प्रहारकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया है । उल्लेखनीय है कि थिरुमावलनने मनुस्मृतिका आधार लेते हुए कहा था कि ब्राह्मणोंमें महिलाओंको ‘सेक्स वर्कर्स’ माना जाता है । उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू धर्ममें महिलाओंका स्थान पुरुषोंसे निम्न रखा गया है । यह सब कथन उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए ‘यूट्यूब चैनल’के ‘पेरियार टीवी’पर साझा किए ।
समाचार यह स्पष्ट करता है कि आज हिन्दुओंकी विचारधारामें मतभेद व विभाजन आनेका प्रमुख कारण यह वामपन्थी समुदायके लोग ही हैं । ऐसे विषैले सर्पोंको भारत भूमिसे नष्ट होना ही चाहिए, जिससे शेष लोग शान्तिसे रह सकें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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