०७ दिसम्बर, २०२०
बंगालमें रविवार ६ दिसम्बरको पुनः हिंसक घटनाके समाचार प्राप्त हुए हैं । राजारहाट क्षेत्रमें भाजपा कार्यकर्ताओंपर ‘टीएमसी’ समर्थित गुण्डोंने आक्रमण किया, जब वे ‘डिरेजियो मेमोरियल कॉलेज’के निकट ‘पोस्टर’ लगा रहे थे । दैनिक जागरणसे प्राप्त समाचार अनुसार, तृणमूल कांग्रेस नेता तपन चटर्जीके निर्देशपर यह आक्रमण हुआ ।
राजारहाट क्षेत्रमें भाजपाकी ओरसे भारतमाता पूजनका आयोजन रविवारको किया जानेवाला था । उसी सन्दर्भमें कार्यकर्ता ये फलक लगा रहे थे । उसी समय कुछ अराजक तत्त्व वहां आए तथा भाजपा कार्यकर्ताओंसे मारपीट की, उनकेद्वारा लगाए ‘पोस्टर’ फाड दिए, उनके वाहन क्षतिग्रस्त किए । भाजपा नेता अर्जुन सिंहने ‘ट्वीट’कर यह बताया । उन्होंने यह भी बताया कि नैहाटी विधानसभा नैहाटी मण्डल-१ गोरुफाडी कार्यालयमें ‘टीएमसी’के गुण्डोंने बम विस्फोट किए । इससे पूर्व भी सतत राज्यमें सत्तापक्षकी ‘टीएमसी’के कार्यकर्तओं द्वारा भाजपासे सम्बन्धित कार्यकर्ताओंपर आक्रमणके आरोप लगते रहे हैं ।
उल्लेखनीय है कि शनिवार ५ दिसम्बरको ‘बीजेपी’की ‘बाईक रैली’पर आक्रमण हुआ था । उनपर गोलीबारी, पत्थरबाजी तथा बम विस्फोट भी किए गए थे । इसमें ५ से ७ व्यक्ति चोटिल हुए थे, जिन्हें चिकित्सालय ले जाया गया । पुलिसने याचना करनेपर भी सहायता नहीं की ।
पिछले दिनों ‘बीजेपी’ कार्यकर्ता ५५ वर्षीय कलाचन्द कर्मकारकी कूचबिहारमें पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी । इसका आरोप ५ ‘टीएमसी’ कार्यकर्ताओंपर है ।
बंगालका ‘टीएमसी’ शासन हिन्दू विरोधी है । वहांकी मुख्यमन्त्रीका श्री राम नाम सुनकर ही क्रोधित होना, ‘मोहर्रम’के ‘ताजिये’ निकलनेपर प्रतिबन्ध न लगाना तथा दुर्गा विसर्जनपर प्रतिबन्ध लगाना, आदि इसके ज्वलन्त प्रमाण हैं । ‘टीएमसी’के शासन कालमें अनेक स्थानोंपर रोहिंग्या मुसलमानोंको अनाधिकृत आश्रय प्राप्त हुआ है, तथा अनेक हिन्दू परिवार अपने स्थाई निवास त्यागनेको बाध्य हुए हैं । ऐसे हिन्दूद्रोही शासनका अन्त सुनिश्चित है; परन्तु यह अन्त शीघ्र होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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