०८ दिसम्बर, २०२०
यह घटना सिलीगुडीके तीनबत्तीकी है । सोमवार, ७ दिसम्बरको भाजपा कार्यकर्ता राज्य सचिवालयकी शाखा ‘उत्तरकन्या’की ओर बढनेका प्रयास कर रहे थे । इस मध्य दो स्थानोंपर उनकी पुलिससे झडप हुई । बीजेपीका आरोप है कि आक्रमणमें उनके कार्यकर्ता उलेन रॉयकी मृत्यु हो गई । पुलिसने ‘भाजपा युवा मोर्चा’के कार्यकर्ताओंपर आंसू गैसके गोले और ‘वाटर कैनन’का प्रयोग किया । उन्हें वेशभूषा उतारकर ‘टीएमसी’के गुण्डोंसे मिल जाना चाहिए । भाजपाके अनेक कार्यकर्ता उनके शान्तिपूर्ण विरोध प्रदर्शनके समय चोटिल हो गए । बंगालमें लोकतन्त्रकी हत्या हो रही है ।”
उल्लेखनीय है कि ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ने बंगाल शासनके विरुद्ध ‘उत्तरकन्या अभिजन’के अन्तर्गत दो स्थानोंपर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे । भाजयुमोके राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्याने बंगाल पुलिसकी बर्बरताकी ओर ध्यान दिलाते हुए कहा है कि शान्तिपूर्ण प्रदर्शनके समय अनेक भाजपा कार्यकर्ता चोटिल हो गए । बंगालमें लोकतन्त्रकी हत्या हो रही है ।
किसी भी प्रकारकी हिंसा किसी भी परिस्थितिमें निन्दनीय है । ९० के दशकमें बिहार इसके लिए कुख्यात था; परन्तु वर्तमान समयमें बंगाल हिंसाका नूतन गढ और प्रयोगशाला बन गया है । हिंसामें भी अधिक चिन्ताका विषय राजनैतिक निष्ठाके अन्तर्गत पुलिसबलकी कार्यवाही है । शासन आता जाता रहता है; परन्तु यदि पुलिसबल राजनैतिक निष्ठाके अनुसाथ कार्यवाही करेंगे, तब नागरिक कैसे सुरक्षित रहेंगे ? और कैसे उसका विश्वास विधिद्वारा स्थापित राज्यमें होगा ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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