१३ दिसम्बर, २०२०
केरलके मलप्पुरम जनपदके वन्नियामबलम मन्दिरमें पादत्राण (जूते) पहनकर प्रवेश करनेवाली एक महिलाके विरुद्ध श्री त्रिपुरसुन्दरी देवी मन्दिरके सचिव सरथ कुमारने परिवाद प्रविष्ट किया है । उनके अनुसार, महिलाने ‘हिजाब’ पहना था । अभीतक यह ज्ञात नहीं हो सका है कि वह महिला कौन थी ? मन्दिर परिसरमें ‘जूते’ पहनकर बैठी इस लडकीका छायाचित्र सामाजिक जालस्थलपर प्रसारित हो गया है ।
सरथ कुमारने महिलापर हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाएं चोटिलकर उन्हें भडकानेका आरोप लगाया है । उन्होंने कहा कि भारतीय दण्ड संहिताकी धारा १५३, १५३ अ तथा २९५ अ के अन्तर्गत यह अपराध दण्डनीय है ।
उल्लेखनीय है कि मल्लपुरममें ७० प्रतिशत सङ्ख्या मुसलमानोंकी है । यह कट्टरपन्थी बहुल क्षेत्र है । अनेक धार्मिक रूपान्तरण केन्द्रोंका मुख्यालय यहां स्थित है । एक गुप्त सूचनाके अनुसार, कोझीकोड और मलप्पुरममें दो ज्ञात धर्मान्तरण केन्द्रोंने २०११ से २०१५ के मध्य ५७९३ जनोंको इस्लाममें परिवर्तित किया । सूचना है कि अनाधिकृत धर्मान्तरण केन्द्रोंमें इससे अधिक धर्मान्तरण किए गए होंगे ।
कुछ ही दिन पूर्व सिरो मालाबार गिरिजाघर और केरल ‘कैथोलिक बिशपस काउंसिल’ और अनेक ईसाई सङ्गठनोंने ‘लव जिहाद’की वृद्धिगत होती घटनाओंपर चिन्ता व्यक्त की थी । आरोप है कि केरलमें युवा महिलाओंका धार्मिक अध्ययनके नामपर ‘ब्रेनवाश’ करके उनका बलपूर्वक धर्मान्तरण करवाया जाता है । इसके उपरान्त उन्हें ‘सेक्स स्लेव’के रूपमें ‘आईएसआईएस’के पास भेजा जाता है ।
शासन हमारी धार्मिक मान्यताओंका अपमान करनेवाली इस महिलाको कठोर दण्ड दे । केरलमें हिन्दुओंकी न्यून होती जनसङ्ख्या चिन्ताजनक है । इससे वृद्धिगत होते ‘लवजिहाद’पर भी केन्द्रने ध्यान देना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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