घरका वैद्य – गुड (भाग – २)


गुड और चीनीमें अन्तर :

इन दोनोंमें बहुत अन्तर है । चीनी बनानेके लिए गन्नेके रसमें २३ भिन्न प्रकारके विष (केमिकल) मिलाने पडते हैं और ये सब वो विष (जहर) हैं, जो शरीरके भीतर चले तो जाते हैं; किन्तु बाहर नहीं निकल पाते । केवल गुड ही एक अकेला ऐसा पदार्थ है, जो बिना किसी विषके सीधे-सीधे बनता है । गन्नेके रसको गर्म करते जाओ, गुड बन जाता है । इसमें कुछ मिलाना नही पडता, अधिक-से-अधिक इसमे दूध मिलाते हैं और कुछ भी नही मिलाना पडता ।

गुडके लाभ :

त्वचाके लिए : महिलाएं अपनी त्वचाका ध्यान सबसे अधिक रखती हैं । यदि आप प्रतिदिन गुडका सेवन करते हैं, तो यह आपके शरीरसे हानिकारक ‘टॉक्सिन’को बाहर निकाल देता है और आपकी त्वचा स्वच्छ और स्वस्थ रहती है । यह कई महत्वपूर्ण ‘विटामिन’ और खनिजोंसे समृद्ध है । गुड त्वचाको पोषण देता है और त्वचा सहित, शरीरके प्रत्येक भागका पोषण प्रदान करनेमें सहायता करता है । गुड, मुखके मुहांसोंकी चिकित्सा करनेमें भी सहायता करता है । यह त्वचासे सम्बंधित और भी कई समस्याओंकी चिकित्सा और रोकथाममें सहयोग करता है । यह आयु बढनेके कई सङ्केत, जैसेकि झुर्रियां, काले धब्बे, इत्यादिकी भी रोकथाम करनेमें सहायता करता है ।

अस्थियोंके (हड्डियोंके) लिए :

गुडमें ‘कैल्शियम’के साथ ‘फॉस्फोरस’ भी होता है, जो ‘हड्डियों’को सबल रखनेमें सहायता करता है । वहीं चीनी ‘हड्डियों’के लिए हानिकारक होती है; क्योंकि चीनी इतने अधिक तापमानपर बनाई जाती है कि जिसके कारण गन्नेके रसमें स्थित ‘फॉस्फोरस’ समाप्त हो जाता है I यदि आप प्रायः अपने ‘जोडों’में पीडा अनुभव करते हैं, तो गुड खानेसे आपको लाभ मिल सकता है । विशेषज्ञ पीडाको कम करनेके लिए, अदरकके टुकडेके साथ गुड खानेका परामर्श देते हैं । प्रतिदिन गुडके साथ एक गिलास दूध पीना भी हड्डियोंको हृष्ट-पुष्ट करनेमें सहायता कर सकता है और हड्डीकी समस्याओंको रोका जा सकता है ।



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