आहारमें ‘आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड’ विष देकर हुआ था मारनेका प्रयास, ‘इसरो’के शीर्ष वैज्ञानिक तपन मिश्राने किया उजागर


०७ जनवरी, २०२१
     भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान सङ्गठनके शीर्ष वैज्ञानिक तपन मिश्राने मङ्गलवार, ५ जनवरीको उजागर किया कि उन्हें तीन वर्षसे अधिक समय पूर्व विष देकर मारनेका प्रयास हुआ था । अपने ‘फेसबुक पोस्ट’ ‘लॉंग केप्ट सीक्रेट’में उन्होंने इस बातका रहस्योद्घाटन किया कि मई २३, २०१७ को बेंगलुरुमें ‘इसरो’ मुख्यालयमें पदोन्नति साक्षात्कारके अन्तराल उन्हें घातक ‘आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड ’विष देकर मारनेका प्रयास किया गया था ।
     मिश्राने कहा कि उन्हें डोसेकी चटनीमें विष देकर मारनेका प्रयास हुआ था, जिसके पश्चात उन्हें तनाव और वेदनासे (दर्दसे) उभरनेमें २ वर्ष लग गए । अपने ‘पोस्ट’में उन्होंने अपनी हत्याके प्रयासोंमें अमेरिकाकी संलिप्तता भी बताई । तपनने लिखा कि वर्ष २०१९ में एकाएक एक भारतीय अमेरिकी प्राध्यापक उनके कार्यालयमें दिखाई दिया और उन्हें विष देनेकी इस प्रकरणपर शान्त रहनेको भी कहा गया । इससे पूर्व उन्हें ‘ईमेल’केद्वारा भी सैंकडों धमकियां मिलती रहती थीं । वह बताते हैं कि कई बार सुरक्षा विभागोंने उन्हें चेतावनी देकर बचाया था ।
     बता दें कि तपन मिश्रा भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान सङ्गठनके अहमदाबाद स्थित अन्तरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्रके निदेशकके रूपमें सेवा दे चुके हैं । ‘ऑपइंडिया’ नामक एक समाचार संस्थाने इस ‘पोस्ट’को देखनेके पश्चात तपन मिश्रासे वार्तालाप करनेका प्रयास किया, तो उन्होंने चर्चामें कहा, “शासन और राजनीतिक तन्त्रसे मेरा निवेदन है कि जो लोग देशका निर्माण करते हैं, यदि हम उनकी रक्षा नहीं करते हैं; परन्तु हम अपनी सम्पत्तिकी रक्षा नहीं करते हैं, तो कल हमारा देश नष्ट हो जाएगा ।”

        मिश्राजीने तो उजागर किया तो यह कुछ एक प्रसार वाहिनीयोंने दिखाया होगा; पहले कितनी ही भारत शासनको इस विषयमें चेताया जा चुका है; परन्तु शासनके कानोंपर जूं नहीं रेंगती है, जो लज्जाजनक है । इससे पूर्व भारतकी समस्त प्रतिभा षड्यन्त्रकी बलि चढे, शासन जागे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया



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