आंध्र प्रदेशमें मन्दिरोंपर आक्रमणोंकी जांचके लिए ‘एसआईटी’, मुख्यमन्त्री जगन रेड्डीने ९ मन्दिरोंकी रखी आधारशिला, ८ का भूमिपूजन
०९ जनवरी, २०२१
आंध्र प्रदेशमें मन्दिरोंपर हुए आक्रमणोंकी जांच हेतु मुख्यमन्त्री जगन रेड्डी शासनने १६ सदस्यीय जांच समिति (एसआईटी) गठित की है, जिसमें ‘एसीबी’ विजयवाडाके अतिरिक्त निदेशक अशोक कुमारको इसका मुखिया बनाया गया है । ‘एसआईटी’ अपनी ‘रिपोर्ट’ सीधे मुख्यमन्त्रीको प्रस्तुत करेगी । इसमें १ पुलिस अधीक्षक, २ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, २ उप पुलिस अधीक्षक, २ सहायक पुलिस अधीक्षक, ४ ‘सर्कल इंस्पेक्टर’, ४ उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) सम्मिलित किए गए हैं । ‘एफएसएल’के निदेशकको सूचित किया गया है कि ‘फॉरेंसिक’ सहयोग आवश्यक होनेपर ‘एसआईटी’के साथ मिलकर कार्य करें ! विजयवाडा और विशाखापट्टनमके ‘सीआईडी’के ‘साइबर सेल’के ‘पीएस’को भी इन्हें आवश्यक सहयोग देनेके निर्देश दिए गए हैं । न्यायालयके अवलोकनमें यह समिति अपनी ‘रिपोर्ट’ बनाएगी । यह आदेश राज्य शासनने ८ जनवरी २०२१ को दिया है । आंध्र प्रदेश ‘असोसिएशन’ने उन आरोपोंकी निन्दा की है, जिनमें पुलिस अधिकारियोंपर हिन्दुओंके साथ पक्षपातके आरोप लगाए गए हैं ।
इन्हीं दिनों मुख्यमन्त्री जगनने ९ मन्दिरोंके निर्माणकी आधारशिलाएं रखी हैं, जिन्हें ४ वर्षोंमें निर्मित किया जाना है । इनमें आंजनेय स्वामी, राहु-केतु, सीतम्मावरी और वेणुगोपाल मन्दिर सम्मिलित हैं । इनके निर्माणपर ३.७९ कोटि रुपयोंका व्यय होगा । जगन रेड्डीने दुर्गा मन्दिरमें भी ८ मन्दिरोंका भूमिपूजन किया जिनपर ७७ कोटि रुपयोंका व्यय अपेक्षित है ।
उल्लेखनीय है कि ३ जनवरी २०२१ को विजयवाडाके सीताराम मन्दिरमें देवी सीताजीकी ४० वर्ष पुरातन प्रतिमा खण्डित पाई गई थी । इससे पूर्व आंध्र प्रदेशके विभिन्न मन्दिरोंमें भगवान गणेश, श्रीराम, श्रीवेंकटेश और श्रीसुब्रमण्यम स्वामीकी मूर्तियां खण्डित की गई थीं । राज्यकी भाजपा और ‘टीडीपी’ सतत राज्य शासनपर आक्रामक है । उनका मत है कि अबतक १५० से अधिक देवालयोंपर आक्रमण हो चुके हैं ।
रेड्डी शासन यदि कुछ हिन्दुओंके लिए कार्य कर रहा है, तो वह भी हिन्दुओंके विनाशके लिए ही कर रहा है, हिन्दुओंको यह समझ जाना चाहिए और इन हिन्दूद्रोहियोंको सत्ताहीन करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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