सेठोंके बनाए हुए ‘गोदाम’ जला दो, उर्दू ‘शायर’ मुनव्वर रानाने किसानोंके नामपर संसद गिरानेके लिए भडकाया
११ जनवरी, २०२१
इससे पहले रानाने अपने वक्तव्यमें पेरिसमें शिक्षकका गला रेतनेवाले आतङ्कीका बचाव किया था । उन्होंने कहा था कि यदि उस लडकेके स्थानपर वह होते तो भी यही करते । विवादित ‘शायर’ मुनव्वर रानाके इस वक्तव्यको लेकर बहुत विवाद हुआ था ।
१० जनवरीको ‘सोशल मीडिया’पर अपनी कुछ साधारणसी पंक्तियोंके माध्यमसे इसने पुनः भीडको भडकानेका प्रयास किया । मुनव्वर रानाने ‘ट्वीट’ करते हुए लिखा था, “इस देशके कुछ लोगोंको रोटी तो मिलेगी, संसदको गिराकर वहां कुछ खेत बना दो । अब ऐसे ही परिवर्तित होगा किसानोंका भाग्य, सेठोंके बनाए हुए गोदाम जला दो । मैं झूठके दरबारमें सच बोल रहा हूं, गर्दनको उडाओ, मुझे या जिंदा जला दो ।”
यह प्रथम बार नहीं है, जब मुन्नवर रानाने विष उगला हो । मुन्नवर राना जैसे लोग अपनी ‘शायरी’के माध्यमसे राष्ट्रद्रोहका कार्य कर रहे हैं, मुन्नवर राना और उनका पूरा परिवार ही विषवामनका कार्य करता है । मुन्नवर राना जैसे लोग राष्ट्रके लिए बहुत घातक हैं; अत: ऐसे लोगोंके विरुद्ध अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताके नामपर किए ‘ट्वीट’के लिए कडी कार्यवाही होनी चाहिए । एक कहावत है, ‘एक सांप कई सहस्र सांप पैदा कर देता है’; इसलिए समय रहते ऐसे विषैलै सर्पोंके विरुद्ध कार्यवाही आवश्यक है और हिन्दुओंको भी चाहिए कि इन जैसोंका और इन जैसोंकी निम्नस्तरीय ‘शायरी’का बहिष्कार करें और ‘ट्वीटर’पर इसे बहिष्कृत करनेका अभियान चलाएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply