बंगालियोंके घर फूंको, पुलिसपर आक्रमण, असमको जलानेकी अखिल गोगोईकी योजना, ‘एनआईए’के आरोपपत्रसे हुआ उजागर
११ जनवरी, २०२१
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणने असमके वामपन्थी कार्यकर्ता अखिल गोगोईके विरुद्ध प्रविष्ट आरोपपत्रमें आरोप लगाया गया है कि वह असममें ‘सीएए’ विरोधी प्रदर्शनके समय राज्यमें रहनेवाली बंगाली जनसंख्याके विरुद्ध असमके लोगोंको भडकानेके प्रयासमें था और असममें समाजके दो वर्गोंके मध्य हिंसा भडकानेका षड्यन्त्र किया था । ‘एनआईए’ने बताया कि अखिल गोगोई और साक्षीने ६००० से भी अधिक लोगोंकी भीडको सम्बोधित किया था । गोगोईने भीडको भडकाया । इसके पश्चात भीड हिंसक हो गई और पुलिसपर पथराव दिया । हिंसा इतनी भयावह थी कि अखिल गोगोईके नेतृत्वमें भीडद्वारा चबुआ रेलवे स्थानकको भी जला दिया गया, जिसके चलते सार्वजनिक सम्पत्तिको भारी हानि हुई ।
विचारणीय है कि गुवाहाटी उच्च न्यायालयने ७ जनवरीको अखिल गोगोईकी प्रतिभूति याचिका अस्वीकृत करते हुए विशेष ‘एनआईए’ न्यायालयके निर्णयको बनाए रखा था ।
वामपन्थी नेताओंकी मानसिकता जिहादियोंवाली ही है । अपने उद्देश्यको पूर्ण करनेके लिए वे भारत राष्ट्रकी सम्प्रभुताको भंग कर सकते हैं । सभी राष्ट्रवादी, शासन एवं न्यायपालिकासे मांग करें कि अखिल गोगोई जैसे राष्ट्रद्रोहियोंपर कठोर दण्डका प्रावधान हो एवं सार्वजनिक सम्पत्तियोंकी हानिका मूल्यांकनकर दण्ड सहित उसकी क्षतिपूर्ति, उनकी ही सम्पत्तियोंसे करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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