किसान आन्दोलनमें बालकने मोदीको फांसीपर लटकानेकी कही बात
१६ जनवरी, २०२१
कुछ लोग किसान आन्दोलनको ‘शाहीनबाग-२’की संज्ञा दे रहे हैं । इसके पीछे एक बडा कारण प्रदर्शनकारियोंद्वारा ‘शाहीनबाग मॉडल’को अपनाना भी है । हमने देखा कि पिछले कुछ समयसे देशके प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीको अपशब्द कहना चलन बन गया । उदाहरणके लिए बच्चोंके मुंहसे ‘मोदी मुर्दाबाद’ बुलवाना, बच्चोंसे कहलवाना कि वो मोदीको गोली मारना चाहते हैं या मोदीको फांसी लगाना चाहते हैं । ऐसा ही एक ‘वीडियो’ ‘सोशल मीडिया’पर प्रसारित हुआ है, जिसमें एक पगडी पहने हुए बच्चा यह कहते हुए देखा जा सकता है कि वो बडा होकर मोदीको फांसी लगाना चाहता है और जब उससे पूछा गया कि उसने ये कहांसे सीखा तो बच्चा ‘एनडीटीवी’ और ‘बीबीसी’ जैसे वामपन्थी ‘मीडिया’ संस्थानोंका नाम लेता है !
इसमें बच्चा कहता है, “मुझे ये भी लगता है कि ये जो मोदी है न, ये सारे पैसे लेकर भाग जाएगा”, और भी कई अनर्गल बातें इसने की ।
जिहादियोंकी सोच, वामपन्थी दलोंकी विषैली भडकाऊ राजनीतिने बच्चोंके भीतर भी विष भर दिया है । उसका परिणाम बहुत ही भयावह होगा; क्योंकि यह बालक इस मानसिकताके कारण आतङ्की या हत्यारा अवश्य बन जाएगा ! यह भारतके भविष्यको सर्वनाश करनेका प्रयास है । शासनको अपना कर्तव्य समझते हुए ऐसे प्रकरणोंपर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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