किसान आन्दोलनमें देश तोडनेवाले जिहादी और खालिस्तानी ले रहे बढ-चढकर भाग
१८ जनवरी, २०२१
राष्ट्रीय जांच कार्यालय संस्थाने खालिस्तानी किसान नेता बलदेव सिंह सिरसाको उपस्थित होनेके लिए ‘समन’ भेजा है । बलदेव सिंहने नहीं पहुंच पानेका ‘बहाना’ बनाया है । बलदेव सिंह किसान आन्दोलनको भडकानेका दुष्कार्य कर रहा है । किसान आन्दोलनके समर्थन हेतु अमेरिकामें रह रहे खालिस्तानी आतङ्की गुरप्रीत सिंह पन्नूने इस आन्दोलनके लिए वित्तीय सहायता देनेकी घोषणा भी की है ।
एक अन्य समाचारके अनुसार, मुम्बईमें भी अनेक ‘सीएए’ विरोधी मुसलमानोंने ‘आजाद मैदान’में सम्मिलित होकर, इस आन्दोलनके समर्थनमें प्रदर्शन किए; किन्तु वहांपर केवल ‘आजादी’के उद्घोष किए जाते रहे । ‘सोशल मीडिया’पर लोगोंने लिखा कि उक्त उद्घोषोंमें, किसानोंके लिए बनाए विधानके स्थानपर ‘आजादी चाहिए’के लिए ही मुसलमान चिल्लाते हुए पाए गए । कृषि अधिनियमोंके विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियोंने केवल ‘एनआरसी’ और ‘सीएए’के मुद्दे उठाए । इन ‘सीएए’के उपद्रवियोंने ५२ हिन्दुओंकी हत्या कर दी थी ।
किसानोंके आन्दोलनके बहाने, देश-विदेशके आतङ्की व उपद्रवी अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं, देशविरोधी दल पुनः अपना शासन स्थापित करना चाहते हैं और घोटालोंके अभावमें मृतप्रायः कांग्रेस तिलमिलाए हुए, भडकानेका कार्यकर किसानोंको लूटनेके अभिप्रायसे, उपद्रवियोंकी सहायता हेतु प्रयत्नशील है । केन्द्र शासन इन उपद्रवोंसे संज्ञान लेकर, देशकी सुरक्षा अन्तर्गत, उचित कार्यवाही करते हुए, उपद्रवियोंको उचित दण्ड दे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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