आतङ्की समूह ‘एसएफजे’ने दी गणतन्त्र दिवसपर देहलीमें ‘बिजली ग्रिड’ ‘फेल’ करनेकी धमकी


२० जनवरी, २०२१
      खालिस्तानी आतङ्कवादी सङ्गठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ने एक और ‘वीडियो’ जारी किया है, जिसमें सिखोंको गणतन्त्र दिवसपर शान्ति भंग करनेके लिए भडकाया गया है ! इसमें आतङ्कवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू और ‘एसएफजे’के प्रमुखको पंजाबके किसानोंको २५ और २६ जनवरीको देहलीमें विद्युत आपूर्तिमें कटौती करनेके लिए भडकाते हुए देखा जा सकता है । पन्नूने यह भी कहा कि सिंघू सीमापर १२५ किसानोंने प्राण गवाएं हैं ।
     ‘बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड’ और ‘बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड’ देहलीको विद्युत प्रदान करती हैं । ‘रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’की दोनों कम्पनियोंमें प्रमुख सहभागिता है । इसी तथ्यका उदाहरण देते हुए, पन्नूने किसानोंको इन दोनों कम्पनियोंके स्वामित्ववाले ‘ग्रिड’को नष्ट करनेके लिए भडकाया । उन्होंने कहा कि विद्युतमें कटौती करके किसान केन्द्र शासनको जगानेमें सक्षम होंगे, जो विधानको निरस्त करनेकी उनकी मांगके लिए ‘बहरी’ हो गया है ।
    पन्नूने देहलीके निवासियोंको धमकी दी और कहा कि यदि वे सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो गणतन्त्र दिवसके दिन अपने घरपर रहें । उन्होंने आरोप लगाया कि भारत शासन राष्ट्रीय राजधानीपर आक्रमणके लिए खालिस्तानियोंको दोषी बतानेके लिए आतङ्कवादी गतिविधियोंमें लिप्त होगी । उन्होंने आगे कहा कि यदि देहलीके लोग सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो उन्हें २६ जनवरीको घरमें रहना चाहिए और गणतन्त्र दिवस समारोहमें भाग नहीं लेना चाहिए ।
     पन्नूने कहा कि खालिस्तान एक उचित मांग है और उनका सङ्गठन खालिस्तान नामके एक पृथक देशके लिए जनमत संग्रहके साथ आगे बढेगा । उन्होंने कहा कि खालिस्तान शान्तिमें विश्वास करता है और उनके पास भारत या भारतीयोंके विरुद्ध कुछ भी नहीं है । यद्यपि, अन्तमें, उसने ‘नारा’ दिया, “केसरी खंडा खालिस्तान, मसल देंगे हिंदुस्तान ।”
         भारत शासन यदि समय रहते इस कथित आन्दोलनको नहीं दबाएगा, तो इसका भयावह परिणाम देशको भोगना पड सकता है; क्योंकि यह आन्दोलन अब किसानोंका स्वर न होकर, आतङ्कियोंका स्वर बन गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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