तमिलनाडुमें हाथीपर फेंका जलता वस्त्र, वेदनासे छटपटाते हुए मूक पशुने त्यागे प्राण


२३ जनवरी, २०२१
       तमिलनाडुके नीलगिरीमें एक हाथीकी मृत्युने सभीको झकझोरकर रख दिया है । बताया जा रहा है कि किसी व्यक्तिने जलते वस्त्रको हाथीके ऊपर फेंक दिया था, जिसके कारण हाथी चोटिल हो गया और कुछ दिवस पश्चात मंगलवार, १९ जनवरीको चिकित्साके लिए ले जानेके समय उसकी मृत्यु हो गई ।
      नीलगिरीके मसिनागुडी क्षेत्रमें वस्त्रमें आग लगाकर उसे ४० वर्षीय एक हाथीके ऊपर फेंक दिया, जिसके चलते हाथी वेदनाके कारण इधर-उधर भागने लगा । इस मध्य उसके कानके आसपासका भाग झुलस गया ।
     चोटिल अवस्थामें इस हाथीको देखकर ‘वन रेंजर्स’ उपचारके लिए ले गए । यद्यपि, वन विभागके कर्मियोंद्वारा किए जा रहे सभी प्रयासोंके पश्चात भी हाथीको बचाया नहीं जा सका ।
     अधिकारियोंको घटनाका ‘वीडियो’ भी मिला है । ‘एमटीआर’के उप निदेशकने कहा, “हमने जानकारी एकत्र की और जांच की और हाथीको आगसे चोट पहुंचानेके बारेमें एक साक्ष्य ‘वीडियो’ प्राप्त किया । इसके आधारपर दो व्यक्तियोंको बन्दी बनाया गया है । इनका अभिज्ञान प्रसाथ और रेमंड डीनके रूपमें हुआ है । दोनों मावनालाके रहनेवाले हैं । इसके अतिरिक्त रिकी रेयान नामक एक और व्यक्तिके इसमें सम्मिलित होनेकी बात बताई जा रही है ।
           गाय और हाथी इत्यादि मूक पशुओंको देव रूपमें पूजनेवाला भारत देश आज इतने आसुरी मार्गपर चल पडा है कि आज उन्हें पूजना तो दूर रहा, उन्हें मार रहा है । इसमें सन्देह नहीं है कि तमिलनाडुमें ईसाइयों और जिहादियोंका बढता प्रकोप भी कहीं न कहीं इसका मूल कारण बनता है और आरोपियोंके नामसे भी प्रतीत होता है कि वे परिवर्तित हिन्दू हो सकते हैं और इनकेद्वारा हिन्दुओंद्वारा पूजे जानेवाले हाथीको मारना कोई आश्चर्यजनक कृत्य नहीं है । तमिलनाडुके हिन्दू ऐसे दुर्दान्त कृत्योंके विरोधमें मुखर होकर सामने आएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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