मन्दिरके दानपात्रमें पाए गए ‘कंडोम’ सहित आपत्तिजनक ‘पोस्टर’, मन्दिरके वृद्ध पुजारीकी की गई हत्या


२४ जनवरी, २०२१
       कर्नाटकके कोरागाजा मन्दिरके दानपात्रमें आपत्तिजनक फलक (पोस्टर) पाए गए हैं । दानपात्रमें, वहांके मुख्यमन्त्री येदियुरप्पा व उसके पुत्र ‘विजयेन्द्र’के चित्रोंको बिगाडा हुआ पाया गया । उन फलकोंपर अनुचित सन्देश लिखे हुए पाए गए । प्रधानमन्त्री, केन्द्रीय गृहमन्त्री, भाजपा अध्यक्ष नड्डा तथा अन्य नेताओंके फलकपर, असामाजिक तत्त्वोंद्वारा अनुचित सन्देश लिखे हुए थे ।
      फलकपर लिखा था, ‘सावधान, स्वर्गसे भगाए गए ‘धोखेबाज’ स्वर्गदूत ‘नकली’ देवता बन गए हैं और प्रतिमाओंके माध्यमसे पृथ्वीपर मनुष्योंको भ्रष्ट कर रहे हैं । लोगोंको लूटनेवाले राजनेता, रक्त चूसनेवाले मच्छरोंके समान हैं, उन्हें पीट-पीटकर मार देना चाहिए ।’
   पुलिस आयुक्त शशि कपूरने कहा कि भक्तोंकी भावनाओंको ठेस पहुंचानेवाले अपराधियोंको क्षमा नहीं किया जाएगा । उन्होंने मन्दिरोंमें ‘सीसीटीवी’ कैमरे लगानेपर बल दिया ।
      इसी प्रकार तीन अन्य मन्दिरोंमें भी दानपात्रमें ‘कण्डोम’ पाए गए । उन पात्रोंमें डाले गए नकली मुद्रापर लिखा था कि मुसलमानों और हिन्दुओंको पीट-पीटकर मार डालना चाहिए । ‘जीसस क्राइस्ट’ ही एकमात्र ईश्वर है, जो पूजने योग्य है । यह घटनाएं उन मन्दिरोंमें हुईं, जहां ‘कैमरे’ नहीं लगे हुए थे ।
      इसी प्रकार लखनऊके शिवपुर गांवके शिव मन्दिरके ८५ वर्षीय बूढे पुजारीकी निर्मम हत्या कर दी गई है । पुजारी फकीरे दासका रक्तरञ्जित शव उसकी झोपडीमें पाया गया । उसके सिरपर चोटोंके चिह्न पाए गए, जबकि किसी प्रकारकी चोरी भी नहीं की गई है ।

         कुछ देशद्रोही नेताओंके संरक्षणके कारण ही उपद्रवी अराजक तत्त्व ऐसे घृणित दुष्कार्य कर रहे हैं, जिन्हें कठोर दण्ड दिया जाना अपेक्षित है । दूसरे धर्मोंके अनुयायियोंकी बढती सङ्ख्यापर नियन्त्रण करना अति आवश्यक हो गया है; अन्यथा एक दिवस, यह देश जिहादियों और पादरियोंके अधीन हो जाएगा, इसके लिए हिन्दू राष्ट्र शीघ्र अतिशीघ्र घोषित किया जाना अपरिहार्य हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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