कांग्रेसी सांसदने बताया खालिस्तानियोंको किसान आन्दोलन ‘हाइजैक’ करनेवाला
२६ जनवरी, २०२१
कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टूने किसान आन्दोलनमें खालस्तानियोंकी निन्दा की है । रवनीत सिंहने कहा है कि खालिस्तानियोंने किसान आन्दोलनको नियन्त्रण करनेका प्रयास किया है । सिंधु सीमापर कुछ खालिस्तानियोंने रवनीत सिंहके साथ हाथापाई की थी और सिंहसे कडा विरोध किया था । व्यथित होकर रवनीत सिंहने कहा कि वे उन खालिस्तानियोंसे तथा उनकी पताकासे भयभीत होनेवाले नहीं हैं । सिंहने उन्हें तथाकथित नक्सली और खालिस्तानी बताया । सिंहने उनपर दोष लगाया कि उन्होंने किसान आन्दोलनमें अपना खालिस्तानी ‘झण्डा’ फहरानेके लिए एक करोड अस्सी लाख रुपये देनेका प्रस्ताव दिया था ।
जब शासनने भी यही बात सर्वोच्च न्यायालयके सम्मुख रखी थी तो कांग्रेस दलने इसे तब किसानोंका अपमान बताया था । कांग्रेस प्रवक्ताने कहा था कि किसान अपना क्रोध दर्शा रहे हैं, वे हमारे अपने हैं और हम उन्हींके सङ्ग खडे हैं ।
कांग्रेसके इसी सांसद रवनीतने एक विवाद खडा करनेकी धमकी भी देते हुए कहा था कि शासनको लगता है कि हम थक जाएंगे और धरना त्याग देंगे; किन्तु हम शवोंके ढेर लगा देंगे, अपना रक्त बहा देंगे और इसके लिए हम किसी भी सीमातक कुछ भी कर सकते हैं ।
इसी कांग्रेसके नेताओंने यह मिथ्या समाचार भी फैलाया था कि ‘रिलायंस’, ‘गूगल’ और ‘व्हाट्सएप्प’ बडी मात्रामें गेहूं क्रयकर संग्रह करेंगे और किसानोंका शोषण करेंगे ।
यह सत्य है कि किसान आन्दोलनमें किसान नाममात्र थे और पृथकतावादियोंने नियन्त्रण सम्भाल रखा था; किन्तु इन खालिस्तानियोंका मार्गदर्शन और उपद्रव करानेकी व्यवस्था विरोधी दलके कांग्रेसियोंने पूर्णतः सिद्ध कर रखी थी । ऐसे उपद्रवियोंको शासनद्वारा कुचल दिया जाना सर्व उचित है । देशद्रोही व्यक्तव्य देनेवालोंको भी दण्डित किया जाना चाहिए ।
– सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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