‘धार्मिक भावनाओंको आहत करनेवाली ‘स्क्रिप्ट’ मत लिखो’, ‘ताण्डव’ अन्तर्जाल शृंखला बनानेवालोंको बनाया जाएगा बन्दी
२८ जनवरी, २०२१
“ऐसी ‘स्क्रिप्ट’ नहीं लिखनी चाहिए, जिससे भावनाएं आहत हों । आप धार्मिक भावनाओंको आहत नहीं कर सकते । यदि आप प्राथमिकीको निरस्त करना चाहते हैं तो राज्योंके उच्च न्यायालय क्यों नहीं जाते ?”
‘वेब सीरीज’ ‘ताण्डव’के निर्माताओंके किए उच्चतम न्यायालयने बुधवार, २७ जनवरीको उच्चतम न्यायालयसे कहा कि संविधानमें दी गई अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रताकी भी मर्यादा है । वहीं ‘वेब सीरीज’ ‘ताण्डव’के निर्माता, लेखक और अभिनेताके विरुद्ध देशभरमें प्रविष्ट प्रकरणोंको जोडनेपर उच्चतम न्यायालयने निर्देश जारी किया । न्यायालयने ‘ताण्डव’के निर्माताओंके बन्दी बनानेपर रोक लगानेसे मना कर दिया है ।
२०१४ के उपरान्त कार्यपालिका एवं न्यायपालिकासे मनानुसार निर्णय न होनेके कारण स्वार्थी वामपन्थी और सांस्कृतिक रूपसे देशको भ्रष्ट करनेवाली कांग्रेसका व्यथित है और धार्मिक भावनाओंको आहत करनेवाले आरोपियोंके समर्थनमें अपने राज्यसभा सांसद और उच्चतम न्यायालयके वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा जैसे अभिभाषकोंकी सहायता ले रही है; परन्तु अब स्थिति परिवर्तित हो रही है और कतिपय न्यायाधीशोंकी अभी भी न्यायके प्रति आस्था है; अतः वे ऐसा निर्णय दे पा रहे हैं । उनका अर्थात यह निर्णय देनेवाले श्री. रोहित आर्यका अभिनन्दन किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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