जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा


३० जनवरी, २०२१
      राजपथ देहलीमें २६ जनवरीको गणतन्त्र दिवसके राष्ट्रीय पर्वपर सभी राज्योंकी झाकियां निकलती हैं ।  इस वर्ष १७ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशोंकी झाकियां राजपथपर गणतन्त्र दिवसकी शोभायात्रामें सम्मिलित थीं । इनमें उत्तर प्रदेशसे आई झांकी, जिसमें भव्य राममन्दिर दर्शाया गया था । उसके आगे महर्षि वाल्मिकीको रामायणकी रचना करते दर्शाया गया था । जब यह झांकी गणतन्त्र दिवसकी ‘परेड’में उपस्थित मन्त्रियोंके समक्ष आई, तो सभी उसके सम्मानमें खडे हो गए थे । तालियां बजाकर श्रद्धासे उस झांकीका सबने स्वागत किया था । इसमें रामायण तथा दीपोत्सव भी दर्शाया गया था ।
           गणतन्त्र दिवसपर लाल किलेपर प्रवेश करनेवाले  उपद्रवियोंने इस झांकीके राममन्दिरके गुम्बदको क्षतिग्रस्त किया । उन्होंने एक और झांकी जिसमें केदारनाथ मन्दिर दर्शाया गया था; उसे भी हानि पहुंचाई ।
         उन्हें किसान कहना भारतीय किसानको अपमानित करना होगा । वे उपद्रवी कांग्रेसी, वामपन्थी तथा देशद्रोही सङ्गठन खालिस्तान आन्दोलनकारियोंद्वारा पोषित थे । इसीलिए उन्होंने देशके ध्वजको अपमानितकर लाल किलेमें उपद्रव किया, हिन्दू धर्मियोंकी आस्थाके प्रतीक श्रीरामजीके मन्दिरकी झांकी तथा केदारनाथ मन्दिरकी प्रतिकृतिपर आक्रमण किया । उनके विरुद्ध शीघ्र उचित कार्यवाही होगी, ऐसी केन्द्र शासनसे अपेक्षा है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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