देहलीके उपद्रवियोंका अभियोग लडेगा पंजाब शासन


०३ फरवरी, २०२१
      देहलीमें गणतन्त्र दिवसके दिवस मंगलवार, २६ जनवरीको ‘किसान आन्दोलन’के अन्तर्गत हुई ‘ट्रैक्टर रैली’के नामपर हिंसा हुई, जिसमें ४०० पुलिसकर्मी चोटिल हुए । इस  प्रकरणमें अनेकों परिवाद प्रविष्ट करके कार्यवाही आरम्भ की गई और कुछ आरोपियोंको बन्दी बनाया गया है; परन्तु अब पंजाब शासनने उनका अभियोग लडनेका उत्तरदायित्व उठा लिया है और अधिवक्ताओंका दल भी बना दिया है ।
     अमरिंदर सिंहके नेतृत्ववाले पंजाब शासनने इन तथाकथित किसानोंके समर्थनमें अधिवक्ताओंकी एक दल ही उतार दिया है । पंजाबमें २०२२ के आरम्भमें होनेवाले विधानसभा चुनावको अब लगभग १ वर्ष ही शेष है, ऐसेमें वहां शासनने ७० अधिवक्ताओंके एक दलको अभियोग लडनेके लिए लगा दिया है । इतना ही नहीं, इसके लिए एक ‘हेल्पलाइन नंबर’ भी जारी किया गया है ।
    अमरिंदर सिंहने स्वयं ‘सोशल मीडिया’के माध्यमसे घोषणा की कि देहली हिंसाके आरोपियोंको राज्य शासनकी ओरसे वैधानिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी । उन्होंने ‘किसानोंके लापता’ होनेके ‘नैरेटिव’को आगे बढाते हुए कहा कि वो इस प्रकरणको व्यक्तिगत रूपसे केन्द्रीय गृह मन्त्रालयके समक्ष उठानेवाले हैं, जिससे प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षित घर पहुंचे । सहायताके लिए ११२ पर भ्रमणभाष करनेको कहा गया है ।
       कांग्रेस दलका इतिहास रहा है कि वे सदैव अराजकतावादी एवं आततायियोंका पोषण करता रहा है । राष्ट्र यह भलीभांति जानता है कि यह आन्दोलन पूर्णतः खालिस्तानी, वामपन्थी एवं कांग्रेस दलद्वारा संचालित एवं प्रायोजित है । यह सभी अपनी समाप्त होती ‘पहचान’को जीवित करनेका प्रयास कर रहे हैं । सभी देशवासी केन्द्र एवं न्यायपालिकासे मांग करें कि इन सभी अराजकतावादी नेताओं व उनके समर्थकोंपर देशद्रोहके अपराधका परिवाद प्रविष्टकर दण्डित करवाएं एवं स्वयं अपनेको दृढ करें कि जो भी देशकी अस्मिताके साथ खेलेगा, उसका सम्पूर्ण बहिष्कार किया ही जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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