उत्तर प्रदेशके मेरठमें पुलिसने एक जिहादीको बन्दी बनाया है । अमान नामक शिक्षकने अपना नाम परिवर्तितकर एक छात्राको अपने प्रेम जालमें फंसाया, तदुपरान्त उसे धर्मान्तरण हेतु, अपने मित्रके साथ देहलीके जामा मस्जिदमें भेज दिया । हिन्दू व्यापारीकी बेटी, जो ‘कोचिंग सेंटर’में पढती थी, प्रेमजालमें फंसानेके पश्चात, उसका अपहरण किया गया । अमान उसे मुसलमान बनाना चाहता था ।
लडकीके खो जानेपर, परिजनने उसे ढूंढना आरम्भ कर दिया और नहीं मिलनेपर उन्होंने पुलिसमें परिवाद किया । लडकीके चलभाषके वार्तालापका विवरण खोजनेपर पुलिसको ‘अमान’का क्रमाङ्क प्राप्त हुआ । कार्यवाही करनेपर ‘अमान’से लडकीका पता चला और उसे ढूंढकर परिजनको सौंप दिया गया । जिहादी अपराधी ‘अमान’को बन्दी बना लिया गया । जांच करनेपर छात्राने विवरण दिया कि अमान उसका धर्मान्तरणकर मुसलमान बनाना चाहता था ।
हिन्दू सङ्गठन और बजरंग दलके कार्यकर्ताओंने थानेके समक्ष विरोध प्रदर्शनकर, अमानपर कठोर कार्यवाही करनेकी मांग की । ‘अमान’पर प्राथमिकीके पश्चात, नूतन दण्ड विधानके अन्तर्गत, एक अन्य विद्यालयमें पढा रहे उसके शिक्षक भाईकी भी जांच की जा रही है ।
नये कठोर दण्डविधानके होते हुए भी, जिहादी हिन्दुओंकी बेटियोंसे किसी न किसी प्रकार प्रेमजालमें फंसाकर, छल कर रहे हैं और मुसलमान बनानेका प्रयास कर रहे हैं । उन्हें कारावासके स्थानपर मृत्युदण्ड ही दिया जाना उचित होगा, जिससे अन्य लोगोंमें भी अपराध करनेके प्रति भय दिखाई दे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply