राम मन्दिरके लिए दान दिया तो उदय प्रकाशके ‘अपने’ हुए पराए
०६ फरवरी, २०२१
अयोध्यामें राम मन्दिर निर्माणके लिए निधि समर्पण अभियान चल रहा है । इसके लिए घर-घर जाकर लोगोंसे दान मांगा जा रहा है; परन्तु वामपन्थियों और जिहादियोंको यह नहीं अच्छा लग रहा । कवि उदय प्रकाशको भी इस ‘जमात’ने राम मन्दिरके लिए दान देनेपर खरी-खोटी सुनाई है । वैसे उदय प्रकाश कभी इस ‘जमात’के प्रिय होते थे ।
उदय प्रकाशने दानकी जानकारी अपने ‘फेसबुक पोस्ट’के द्वारा गुरुवार, ४ फरवरीको दी । उन्होंने लिखा “आजकी दान-दक्षिणा । अपने विचार अपनी जगहपर (स्थानपर) सलामत (सुरक्षित) ।”
उल्लेखनीय है कि उदय प्रकाश पत्रकार होनेके साथ-साथ शिक्षाविद, कवि और आलोचक भी हैं । उन्होंने वर्ष २०१५ में कन्नड साहित्यकार एमएम कलबुर्गीकी हत्याके पश्चात ‘साहित्य अकादमी अवॉर्ड’ लौटा दिया था ।
वामपन्थी व ‘अवार्ड वापसी गैंग’ एवं जिहादी मानसिकतावाला विक्षिप्त समाज कैसे सहन कर सकता है कि जो व्यक्ति कलतक उनकी विचारधाराको समर्थन करता था, आज कैसे उसका मोहभंग हो गया और पुनः अपने धर्मके प्रति उसका रूझान जाग उठा । इनकी यह मानसिक अस्थिरता इनके इनकी विक्षिप्तताकी द्योतक है और इनका यही ‘पागलपन’ राष्ट्रमें अस्थिरता उत्पन्न कर रहा है, जो देशके लिए घातक है । सभी धर्मनिष्ठ व्यक्ति ऐसे मानसिक रूपसे विक्षिप्त लोगोंको उत्तर देते रहें, जिससे अधिकसे अधिक लोग धर्मके पक्षमें आएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply