योगी शासनने लगाया ‘गैंगस्टर’ मुख्तार अंसारीको पंजाब शासनद्वारा सहायता प्रदान किए जानेका आरोप


०९ फरवरी, २०२१
      सर्वोच्च न्यायालयमें सोमवार, ८ फरवरीको मऊके बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारीको पंजाबके कारागारसे उत्तर प्रदेश स्थानान्तरण करने की याचिकासे सम्बन्धित सुनवाई हुई । ‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, उत्तर प्रदेश शासनने सर्वोच्च न्यायालयमें पंजाब शासनद्वारा मुख्तार अंसारीको बचानेका आरोप लगाया है। वहीं अंसारीने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी व अपने पारिवारिक पृष्ठभूमिका संज्ञान देते हुए न्यायालयसे उत्तर प्रदेश न भेजनेकी विनती की है । अंसारीकी याचिकामें कहा गया है कि प्रतिवादी ऐसे परिवारसे सम्बन्धित है, जिसने भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलनमें अत्यधिक योगदान दिया है । भारतको हामिद अंसारी जैसा नेता भी दिया है, जो उपराष्ट्रपति रह चुके हैं । इसके पश्चात बाबा शौकतउल्ला अंसारी, जो उडीसाके राज्यपाल थे तथा माननीय न्यायमूर्ति आसिफ अंसारी, जो इलाहाबाद उच्च न्यायालयके न्यायाधीश थे, वह भी मुख्तारके परिवारसे सम्बन्धित है । वहीं, उत्तर प्रदेशकी ओरसे प्रस्तुत किए गए ‘सॉलिसिटर जनरल’ तुषार मेहताने बताया कि पंजाब शासन मुख्तार अंसारीको उत्तर प्रदेश भेजनेका विरोध कर रहा है । उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब शासनका कहना है कि मुख्तार अंसारी अवसादमें है; परन्तु सत्य यह है कि वह एक ‘गैंगस्टर’ है और उसने पंजाबमें मुक्तिके लिए भी आग्रह भी इसलिए नहीं किया; क्योंकि वह वहां कारागारमें प्रसन्न हैं । योगी शासनद्वारा अनेक बार आरोपीको उत्तर प्रदेश लानेके प्रयास किए गए हैं; परन्तु पंजाब शासन सदैव इसे टालता रहा है । उल्लेखनीय कि कुछ दिवस पूर्व उत्तर प्रदेशके गाजीपुरसे भारतीय जनता ‘पार्टी’की विधायक अलका रायने कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्राको पत्र लिखकर  मुख्तार अंसारीको बचानेका आरोप लगाया था । अलका राय पूर्व विधायक कृष्णानंद रायकी पत्नी है, जिनकी हत्याका आरोप मुख्तार अंसारीपर लगा है ।
         समाचार स्पष्ट करता है कि किस प्रकार आजके भ्रष्ट शासन अपराधियोंको बचाने हेतु प्रयत्नशील हैं । क्या वे यह नहीं जानते कि इस प्रकारके कृत्यकर वह समाजमें भ्रष्टाचारको ही प्रोत्साहित कर रहे हैं ? अब आनेवाले हिन्दूराष्ट्रमें ऐसे शासकगण कठोर दण्डके पात्र होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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