राम मन्दिरके विरुद्ध प्रपञ्च, ‘ऑल्ट न्यूज’का मो. जुबैर फैला रहा था हिन्दू धर्मसे जुडा ४ वर्ष पुराना समाचार


१२ फरवरी, २०२१
      ‘ऑनलाइन स्टाकिंग’ और धर्मान्ध अपराधियोंको ‘क्लीन चिट’ देनेवाला जालस्थल ‘ऑल्ट न्यूज’का सह संस्थापक ‘ट्विटर’पर झूठा समाचार फैलाते हुए पकडा गया है । बृहस्पतिवार, ११ फरवरी मोहम्मद जुबैरने एक समाचारकी ‘कटिंग’ ‘ट्वीट’ की । इस समाचारका शीर्षक था, “गो सेवाके नामपर २० लाखका दान लेकर भागा पुजारी ।” मोहम्मद जुबैरने इस चित्रको साझा करते हुए लिखा, “गांवमें गोशाला बनाने व मन्दिरमें भागवत कथाके नामपर १५-२० लाखकी राशि उसे सौंप दी । अवसर पाते ही भगवाधारी बाबा मन्दिरको ताला लगाकर कब लुप्त हो गया, ग्रामीणोंको ज्ञात ही नहीं हुआ ।”
      वास्तवमें जो चित्र मोहम्मद जुबैरने ‘ट्वीट’ किया, वो आजका समाचार नहीं, वरन चार वर्ष पूर्व राजस्थानकी एक घटना थी । राजस्थानमें श्रीगंगानगरके गांवमें मन्दिरका पुजारी गोसेवाके नामपर दानमें मिले लगभग १५ लाख रुपए लेकर भाग गया था । इस ठगके भागनेके पश्चात पुलिस थानामें ग्रामीणोंने उसके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट किया था; परन्तु मोहम्मद जुबैरका यह चित्र ‘पोस्ट’ करनेका उद्देश्य श्रीराम मन्दिर निर्माणको लेकर चल रहे देशव्यापी समर्पण निधि अभियानसे जुडा हुआ सिद्ध करते हुए लोगोंको भ्रमित करनेका था ।
         पूर्ववर्ती शासकगणने तुष्टीकरणकी राजनीतिसे जिहादियों एवं धर्मान्ध समुदायको यह विश्वास था कि राममन्दिरका निर्णय हिन्दू समाजके पक्षमें नहीं होगा; परन्तु निर्णय उनके विपरीत गया तो इन्होंने अपना आपा खो दिया । वह जुबैर, हो या अन्य जिहादी, ये विषवमन व अन्य कुकृत्य करेंगे, यह निश्चित है; अतः हिन्दुओ, आप सब सजग होकर अपनी एवं धर्म रक्षाके स्वयं ही प्रयास करें !  – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया


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