राकेश टिकैतने संगठनका ७३ देशोंसे अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध होनेकी बातको स्वीकारा
१३ फरवरी, २०२१
केन्द्रद्वारा पारित तृतीय कृषि विधानोंके विरुद्ध ‘किसान आन्दोलन’का नेतृत्व करनेवाले प्रमुख नेताओंके रूपमें उभरे ‘भारतीय किसान यूनियन’के (बीकेयूके) प्रवक्ता राकेश टिकैतने समाचार वाहिनी ‘आज तक’पर दिए साक्षात्कारमें अपने अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध होनेकी बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह जिस सङ्गठनसे जुडे हैं, उसकी शाखाएं ७३ देशोंमें हैं, और उनका भारतीय शाखाके साथभी गठबन्धन है । ‘बीकेयू’के प्रवक्ताने आगे कहा कि उनके सङ्गठनका प्रदर्शन ब्राजील देशमें भी हो रहा है, जहां ब्राजीलियाई श्रमिकोंको किसानोंमें परिवर्तित करनेका प्रयास किया जा रहा है । राकेश टिकैतने कहा, “ब्राजीलमें हम श्रमिकसे किसान बना रहे हैं ।” यद्यपि, साक्षात्कारके समय टिकैतने अन्तरराष्ट्रीय चर्चित व्यक्तियों रिहाना, मिया खलीफा और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्गको नहीं जाननेका दिखावा भी किया; परन्तु बातचीतके समय उन्होंने अनजानेमें ही सही विदेशोंसे अपने सम्बन्धके विषयमें सत्य उगल दिया ।
उपद्रव और हिंसाके लिए सन्देहके घेरेमें आए टिकैतने साक्षात्कारके समय स्वीकार किया कि वह जिस सङ्गठनसे जुडे हुए है, वह आनेवाले ५० वर्षोकी नीतियोंको लेकर योजना बना रहा है, जो कि आन्दोलनके पीछे अन्तरराष्ट्रीय स्तरपर चल रहे षड्यन्त्रको उजागर करता है ।
इस समय राकेश टिकैत भ्रमित दिखाई दिए; क्योंकि उन्हें ज्ञात ही नहीं था, कि वह वास्तवमें भारतीय शासनसे क्या चाहते हैं ? या विगत ७५ दिवसोंसे वे वास्तवमें किसलिए विरोध कर रहे हैं ? इस समय उन्हें बस इतना ज्ञात था कि वह बडी बहुराष्ट्रीय समूहोंके विरुद्ध ‘मैदान’में उतरे हुए हैं ।
भारतीय शासनद्वारा किसान आन्दोलनसे जुडे राकेश टिकैत जैसे सभी लोगोंके विरुद्ध जांच कराते हुए दोषी पाए जानेपर कडीसे कडी दण्ड प्रक्रिया अपनानी चाहिए । ये केवल किसान होनेका नाटक करते हैं, वास्तवमें इनका षड्यन्त्र देशमें अस्थिरता उत्पन्न करना है, यह इससे स्पष्ट है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply