नूपुर शर्माका मस्तक ‘कलम’ करनेकी धमकी देनेवाला ‘इस्लामी’ प्रचारक आदिल गफूर बन्दी, कहा था – गोमूत्र पीनेवाले हिन्दुओंकी ‘हैसियत’ क्या ?
१२ जून, २०२२
जम्मूके डोडा जनपदके भद्रवाहमें नूपुर शर्माका मस्तक ‘कलम’ करनेकी धमकी देनेवाले ‘इस्लामी’ प्रचारक आदिल गफूर गनीको बन्दी बना लिया गया है । यह घोषणा गनीने एक ‘मस्जिद’से की थी । इस वक्तव्यके पश्चात क्षेत्रमें तनाव फैल गया था । ‘गिरफ्तारी’ रविवारको (१२ जून २०२२ को) हुई है ।
आदिल गफूरका उकसाऊ भाषण ‘सोशल मीडिया’पर अत्यधिक प्रचलित हुआ था । इस मध्य ‘भीड’ ‘सिर तनसे जुदा’के उद्घोष लगा रही थी । इस मध्य हिन्दुओंको गोमूत्र पीनेवाला कहा गया था ।
प्रचलित दृश्यपटमें आदिलने कहा था, “गायका मूत्र पीनेवालोंकी, गोबरके भीतर स्नान करनेवालोंकी ‘हैसियत’ ही क्या है विश्वमें ? इनको जो भोजन (रिज़्क़) मिलता है, हमारे भयसे मिलता है । इनको जो वायु मिलती है, हमारे सौभाग्यसे (बरकतसे) मिलती है । इनको जो नदीसे पानी मिलता है, हमारे सौभाग्यसे मिलता है, अन्यथा इनका अस्तित्व क्या है ? भाइयों, समय हमें मस्तक ‘कलम’ करना भी सिखाता है; इसलिए बातोंको मनमें बैठा दो कि हम मौन तबतक हैं, जबतक कि हम सहनशील है । यदि हम असहनशील हुए तो उसके पश्चात नूपुर शर्मा क्या ?, वह आशीष कोहली ‘कुत्ता’ क्या ?, वह नूपुर शर्मा ‘गंदी’ क्या ?, उनके मस्तक कहीं और धड कहीं और मिलेंगे ।”
इस दृश्यपटके सार्वजनिक होनेके पश्चात भद्रवाहमें परिस्थिति नियन्त्रण करनेके लिए सेना उतारनी पडी थी । घटनाकी जांचके लिए ‘SIT’ गठितकी गई थी और अनेक क्षेत्रोंमें धारा १४४ क्रियान्वित कर दी गई थी ।
इन जिहादियोंके शब्दोंका अर्थ कितना भयावह हो सकता है, यह हम गत दिनोंसे देख ही रहे है । प्रशासनको चाहिए कि आदिल जैसे जिहादियोंपर दृष्टि रखे और दोषी पाए जानेपर कठोरतासे कार्यवाही करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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